डिजिटल डेस्क- मध्य-पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी भीषण युद्ध और महाशक्तियों के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच ईरान से एक बहुत बड़ी खबर सामने आ रही है। इसी साल फरवरी महीने में अमेरिकी सैन्य हमले में मारे गए ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई के अंतिम संस्कार और शव को दफनाए जाने की तारीखों का आधिकारिक ऐलान कर दिया गया है। ईरानी सरकारी मीडिया और आधिकारिक घोषणाओं के मुताबिक, आयतुल्लाह अली खामेनेई का पार्थिव शरीर आगामी 9 जुलाई को ईरान के सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक, मशहद शहर स्थित ‘इमाम रजा दरगाह परिसर’ में पूरे राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा।
तेहरान से पवित्र कोम शहर तक निकलेंगे ऐतिहासिक जनाजा जुलूस
ईरान सरकार द्वारा जारी शेड्यूल के अनुसार, खामेनेई को अंतिम विदाई देने के लिए 4 जुलाई से ही देशव्यापी ऐतिहासिक और बेहद संवेदनशील अंतिम संस्कार के कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। इस दौरान राजधानी तेहरान सहित ईरान के कई प्रमुख शहरों में विशाल जनसैलाब उमड़ने की संभावना है। आधिकारिक रिपोर्टों के मुताबिक, 4 और 5 जुलाई को राजधानी तेहरान के ऐतिहासिक ‘इमाम खुमैनी मोसल्ला’ में दो दिवसीय भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया जाएगा, जहां देश-विदेश के राजनयिक और आम अवाम उन्हें श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद 6 जुलाई को तेहरान की मुख्य सड़कों पर सर्वोच्च नेता के जनाजे का एक विशाल सार्वजनिक जुलूस निकाला जाएगा। अगले दिन यानी 7 जुलाई को जनाजे को शिया समुदाय के बेहद पवित्र और ऐतिहासिक शहर ‘कोम’ ले जाया जाएगा, जहां धार्मिक गुरुओं और आम जनता की मौजूदगी में जुलूस निकाला जाएगा। अंततः 9 जुलाई को मशहद में स्थित इमाम रजा की विश्व प्रसिद्ध दरगाह के समीप उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।
खामेनेई के साथ दफनाए जाएंगे उनके बेटी, दामाद और बहू के शव
ईरान सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि 9 जुलाई को होने वाले मुख्य दफन कार्यक्रम के दौरान केवल आयतुल्लाह अली खामेनेई ही नहीं, बल्कि उस घातक हमले में मारे गए उनके परिवार के अन्य चार सदस्यों के शवों को भी एक साथ दफनाया जाएगा। इनमें उनके दामाद डॉक्टर मिस्बाह अल-हुदा बाकेरी कानी, उनकी बेटी सैयदा बुशरा हुसैनी खामेनेई, उनकी बहू जहरा हद्दाद अदेल और उनकी पोती जहरा मोहम्मदी गोलपायेगानी शामिल हैं। पूरा परिवार एक साथ एक ही परिसर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा, जिससे पूरा ईरान इस समय बेहद गमगीन है।
इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमले में हुई थी मौत
गौरतलब है कि इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के एक बेहद आक्रामक और खुफिया संयुक्त हवाई हमले में ईरान की राजधानी तेहरान स्थित सर्वोच्च नेता के मुख्य कार्यालय को निशाना बनाया गया था। जिस वक्त यह मिसाइल हमला हुआ, उस समय आयतुल्लाह अली खामेनेई अपने परिवार और कई शीर्ष सैन्य व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ कार्यालय के भीतर ही मौजूद थे। इस भीषण हमले में अयातुल्ला के साथ-साथ उनकी बेटी, दामाद, पोती, बहू और ईरान के कई शीर्ष कमांडरों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरी दुनिया के सियासी समीकरणों को पूरी तरह हिला कर रख दिया था। आयतुल्लाह अली खामेनेई का जाना ईरान के इतिहास के एक बड़े युग का अंत है। इस्लामिक क्रांति के बाद, वे साल 1981 से 1989 तक ईरान के तीसरे राष्ट्रपति के रूप में चुने गए थे। इसके बाद, साल 1989 में ईरान के पहले सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह रूहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद से अपनी मृत्यु तक वे लगातार ईरान के दूसरे सर्वोच्च नेता के पद पर काबिज रहे। लगभग चार दशकों तक ईरान की घरेलू, विदेश और परमाणु नीति पर उनका एकछत्र नियंत्रण रहा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जुलाई में होने वाले इस पांच दिवसीय अंतिम संस्कार के दौरान मध्य-पूर्व में सुरक्षा व्यवस्था बेहद संवेदनशील और तनावपूर्ण रहेगी।