शिव शंकर सविता- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार के खिलाफ अब तक का सबसे तीखा रुख अख्तियार किया है। उत्तर प्रदेश की आगामी सियासी लड़ाई को निर्णायक बताते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि सूबे में 2027 का विधानसभा चुनाव लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने का आखिरी चुनाव साबित होगा। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में बड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर हमारी पार्टी 2027 में होने वाले इस चुनाव में हार जाती है, तो पूरी समाजवादी पार्टी चंबल चली जाएगी।” सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में सत्तासीन दल द्वारा सरकारी जांच एजेंसियों का रिकॉर्ड स्तर पर दुरुपयोग किया जा रहा है, जो भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत है।
स्मार्ट मीटर उखड़े, मंत्रियों के विभाग छीने गए- अखिलेश
सपा प्रमुख ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था, बिजली विभाग और राजनीतिक शिष्टाचार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा तंज कसा। स्मार्ट सिटी योजना को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि शहरों में जो स्मार्ट मीटर लगाए गए थे, जनता ने उन्हें उखाड़ फेंका है। उन्होंने भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाते हुए कहा कि बीजेपी के मंत्री खुद बेईमानी में लिप्त हैं। इसी वजह से खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों के विभाग छीनकर उन्हें ‘हाफ’ (कमजोर) कर दिया है। अखिलेश ने दावा किया कि अंतर्कलह इतनी बढ़ चुकी है कि आने वाले समय में बीजेपी के कई मौजूदा विधायकों के टिकट कटना तय है।
डॉलर की उड़ान से महंगी होगी चाय
आर्थिक मोर्चे पर केंद्र सरकार को घेरते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी की गलत नीतियों के कारण डॉलर लगातार मजबूत और रुपया कमजोर हो रहा है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है और इससे ‘चाय’ भी महंगी हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने विपक्षी मुख्यमंत्रियों को निशाना बनाए जाने पर गहरी आपत्ति जताई। पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कैसे चुनाव के दौरान ममता दीदी पर मुकदमे दर्ज कराए गए। उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में बीजेपी आई है, लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों पर गंभीर धाराएं लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। राहुल गांधी और इंडिया गठबंधन पर बोलते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। बीजेपी अगर यूपी की 403 सीटों पर तैयारी कर रही है, तो हमारा गठबंधन भी सभी 403 सीटों पर मुस्तैद है, यानी हमारी तैयारी डबल है।
कमजोर विदेश नीति के कारण गई तीन भारतीय नाविकों की जान
अखिलेश यादव ने अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और अमेरिका-ईरान टकराव का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने एक दर्दनाक हादसे का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा ने भारत को विश्व गुरु बनाने का एक बड़ा मौका खो दिया है। अगर भारत समय रहते कूटनीतिक हस्तक्षेप करता, तो खाड़ी क्षेत्र में यह युद्ध रुक सकता था। अमेरिकी हमले के कारण समुद्र में आ रहे जहाज पर सवार तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस दुखद घटना और मासूमों की मौत की सीधी जिम्मेदार भारत सरकार की ढुलमुल और कमजोर विदेश नीति है।