डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है। शनिवार सुबह थाना सोरों क्षेत्र के अंतर्गत मथुरा-बरेली हाईवे पर कलेक्ट्रेट के निकट दो बसों की आमने-सामने से भीषण टक्कर हो गई। यह भिड़ंत यूपी रोडवेज और राजस्थान परिवहन की बस के बीच हुई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों बसों के अगले हिस्से पूरी तरह चकनाचूर हो गए। इस दर्दनाक हादसे में दो यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 36 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय दोनों बसें तेज रफ्तार में अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रही थीं। जैसे ही दोनों बसें कलेक्ट्रेट के पास पहुंचीं, अचानक उनके बीच सीधी और जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर का झटका इतना भयानक था कि बसों के अंदर बैठे यात्री अपनी सीटों से उछलकर एक-दूसरे के ऊपर जा गिरे। कई यात्री सीटों और मुड़े हुए लोहे के बीच बुरी तरह फंस गए। चारों तरफ चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया।
स्थानीय लोगों और सोरों पुलिस ने चलाया रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की गूंज सुनते ही आस-पास के स्थानीय लोग और राहगीर तुरंत मदद के लिए दौड़े। उन्होंने अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू करते हुए तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दी। खबर मिलते ही थाना सोरों पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत के बाद बसों के केबिन और सीटों में फंसे घायल यात्रियों को बाहर निकाला और तुरंत जिला अस्पताल भिजवाया।
जिला अस्पताल में मची अफरा-तफरी, कई घायल अलीगढ़ रेफर
एक साथ इतनी बड़ी संख्या में घायलों के जिला अस्पताल पहुंचने से वहां कुछ समय के लिए आपातकालीन स्थिति बन गई। हालांकि, डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत सभी का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों में से कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। प्राथमिक उपचार देने के बाद, गंभीर रूप से घायल यात्रियों को बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज समेत अन्य हायर सेंटरों के लिए रेफर कर दिया गया है।
डीएम और एसपी ने जाना हालचाल, हादसे की जांच के आदेश
घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह और पुलिस अधीक्षक तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने वार्डों का दौरा कर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को इलाज में कोई कसर न छोड़ने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवारों को हरसंभव सरकारी सहायता का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और हादसे के असल कारणों की जांच कराई जा रही है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।