डिजिटल डेस्क- विश्व प्रसिद्ध बाबा नीम करोरी के पावन धाम ‘कैंची धाम’ के आगामी 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस मेले को लेकर नैनीताल पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई है। मेले में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी आमद को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था की बेहद विस्तृत और कड़ी कार्ययोजना जारी कर दी है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि रखते हुए रूट डायवर्जन से लेकर शटल सेवा तक के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

13 से 16 जून तक भारी वाहनों की ‘नो एंट्री’
यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और संकरी पहाड़ी सड़कों पर जाम की स्थिति से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मंजूनाथ टीसी के मुताबिक, 13 जून की सुबह से लेकर 16 जून की रात तक क्षेत्र में सभी भारी मालवाहक (कमर्शियल) वाहनों के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, आम जनजीवन प्रभावित न हो, इसके लिए दूध, रसोई गैस, पेट्रोलियम पदार्थ और अन्य आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निर्धारित शर्तों और समय के अनुसार आवागमन की विशेष छूट दी जाएगी।
निजी वाहनों पर रोक, भवाली से चलेगी ‘शटल सेवा’
मेले के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए इस बार कड़े नियम लागू किए गए हैं। पुलिस प्रशासन के अनुसार किसी भी श्रद्धालु को अपने निजी चौपहिया (कार) या दोपहिया वाहन से सीधे कैंची धाम मंदिर परिसर तक जाने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। दोपहिया वाहनों सहित सभी गाड़ियों को भवाली और उसके आस-पास बनाए गए अस्थायी पार्किंग स्थलों पर ही पार्क करना होगा। पार्किंग स्थलों से मंदिर तक पहुंचने के लिए प्रशासन द्वारा लगातार शटल सेवा (बसों और टैक्सियों) का संचालन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के बाबा के दर्शन कर सकेंगे।

एसएसपी नैनीताल, मंजूनाथ टीसी का संदेश:
“मेले में लाखों लोगों की आस्था जुड़ी है। हमारी प्राथमिकता हर एक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुगम दर्शन कराना है। सभी पार्किंग स्थलों पर शटल गाड़ियों की पर्याप्त व्यवस्था है। हम अपील करते हैं कि लोग ट्रैफिक प्लान का पूरी तरह पालन करें और पुलिस का सहयोग करें। कैंची धाम मेले को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और जीरो-एरर ज़ोन बनाने के लिए नैनीताल पुलिस के साथ-साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों को भी मैदान में उतारा गया है। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CAPF, SSB, ATS (एंटी टेररिस्ट स्क्वाड), BDS (बम डिस्पोजल स्क्वाड) और SDRF की विशेषज्ञ टीमों को चप्पे-चप्पे पर तैनात किया जा रहा है।