भारत में Meta का बड़ा निवेश, रिलायंस के साथ मिलकर बनाएगा AI डेटा सेंटर, जामनगर बना नया टेक हब

KNEWS DESK- भारत तेजी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत कर रहा है। इसी दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी Meta ने भारत में अपना पहला AI-सक्षम डेटा सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए Meta ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के साथ साझेदारी की है और यह डेटा सेंटर गुजरात के जामनगर में स्थापित किया जाएगा।

जामनगर बनेगा AI इंफ्रास्ट्रक्चर का नया केंद्र

इस परियोजना के तहत रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर का निर्माण और बुनियादी ढांचा तैयार करेगी, जबकि Meta अपने AI प्लेटफॉर्म और सेवाओं को संचालित करने के लिए इसका उपयोग करेगी। शुरुआती चरण में यह डेटा सेंटर 168 मेगावॉट क्षमता के साथ शुरू होगा। भविष्य में इसकी क्षमता को और बढ़ाने की योजना भी बनाई गई है।

जानकारी के अनुसार यह अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर अगले दो वर्षों के भीतर परिचालन शुरू कर सकता है।

Meta के AI मिशन को मिलेगी ताकत

Meta लंबे समय से AI तकनीक में बड़े निवेश कर रही है। कंपनी अपने AI मॉडल और डिजिटल सेवाओं को और अधिक शक्तिशाली बनाने के लिए दुनिया भर में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है। जामनगर में बनने वाला यह सेंटर फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और Meta के अन्य AI आधारित उत्पादों को सपोर्ट करेगा।

यह परियोजना Meta के उस व्यापक विजन का भी हिस्सा मानी जा रही है जिसे कंपनी “पर्सनल सुपर इंटेलिजेंस” के नाम से आगे बढ़ा रही है।

भारत में निवेश बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

Meta के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने कहा कि भारत में पहला AI डेटा सेंटर स्थापित करना कंपनी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि रिलायंस के साथ यह साझेदारी वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में मदद करेगी और भारत में Meta के निवेश को नई मजबूती प्रदान करेगी।

रिलायंस देगी एंड-टू-एंड सपोर्ट

इस परियोजना में रिलायंस इंडस्ट्रीज डेटा सेंटर के पूरे जीवनचक्र के दौरान सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराएगी। इसमें डिजाइन, निर्माण, नेटवर्क कनेक्टिविटी, ऊर्जा प्रबंधन, नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति और पूर्ण परिचालन सेवाएं शामिल होंगी।

भारत के AI इकोसिस्टम को मिलेगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस डेटा सेंटर के शुरू होने से भारत के AI इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी। इससे हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और AI रिसर्च को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही देश में रोजगार और तकनीकी निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।

Meta और रिलायंस की यह साझेदारी भारत को वैश्विक AI हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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