Knews Desk- दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी, धूल भरी हवाओं, गरज-चमक तथा हल्की बारिश ने लोगों को चौंका दिया। भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को मौसम के बदलते मिजाज से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाओं ने कई इलाकों में परेशानी भी खड़ी कर दी।
मौसम विभाग के अनुसार, राजधानी में पिछले कई दशकों के सबसे तेज हवा के झोंकों में से एक दर्ज किया गया। दिल्ली के पूसा क्षेत्र में हवा की अधिकतम गति 128 किलोमीटर प्रति घंटा रिकॉर्ड की गई, जबकि पालम में हवाएं 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। यह आंकड़ा करीब 25 साल पुराने रिकॉर्ड के बराबर माना जा रहा है।
तेज आंधी के कारण कई इलाकों में पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आईं। रात के समय धूल भरी आंधी के चलते दृश्यता भी काफी कम हो गई, जिससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई जगहों पर बिजली चमकने और तेज गर्जना के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हो गए।
हालांकि मौसम विभाग ने पहले अच्छी बारिश की संभावना जताई थी, लेकिन अधिकांश क्षेत्रों में अपेक्षा के मुताबिक वर्षा नहीं हुई। इसके बावजूद तेज हवाओं और बादलों के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी गतिविधियों के प्रभाव से यह बदलाव देखने को मिला। विभाग ने अगले कुछ घंटों तक मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना जताई है और लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है। दिल्ली-एनसीआर में मौसम के इस रौद्र रूप ने एक बार फिर प्रकृति की ताकत का एहसास करा दिया।