FSSAI का बड़ा फैसला: अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर रोक, जानिए क्या बदलेगा

KNEWS DESK- देश में आयुर्वेदिक उत्पादों और हेल्थ सप्लीमेंट्स में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले अश्वगंधा को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण ने अश्वगंधा की पत्तियों और उनसे तैयार किए जाने वाले एक्सट्रैक्ट के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। नए निर्देशों के बाद कंपनियां खाद्य उत्पादों और हेल्थ सप्लीमेंट्स में केवल अश्वगंधा की जड़ और उसके एक्सट्रैक्ट का ही इस्तेमाल कर सकेंगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

FSSAI के मुताबिक अश्वगंधा की पत्तियों के सेवन से होने वाले प्रभाव और उनकी सुरक्षा को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी पदार्थ को खाद्य या औषधीय उपयोग के लिए मंजूरी देने से पहले उसकी सुरक्षा और प्रभावशीलता का स्पष्ट वैज्ञानिक आधार होना जरूरी है। इसी वजह से अश्वगंधा की पत्तियों के उपयोग पर रोक लगाने का निर्णय लिया गया है।

क्या है अश्वगंधा?

अश्वगंधा आयुर्वेद में बेहद महत्वपूर्ण औषधीय पौधा माना जाता है। इसे पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में शरीर की ताकत बढ़ाने, तनाव कम करने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। आयुर्वेदिक ग्रंथों में इसकी जड़ को विशेष रूप से लाभकारी बताया गया है।

किन फायदों के लिए जाना जाता है अश्वगंधा?

आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार अश्वगंधा का सेवन मानसिक तनाव और चिंता को कम करने में सहायक माना जाता है। इसके अलावा यह बेहतर नींद, शारीरिक ऊर्जा और सहनशक्ति बढ़ाने में भी मदद कर सकता है। यही वजह है कि आज बाजार में कई हेल्थ सप्लीमेंट्स और आयुर्वेदिक उत्पादों में इसका उपयोग किया जाता है।

ज्यादा सेवन से हो सकते हैं नुकसान

हालांकि अश्वगंधा के कई संभावित फायदे बताए जाते हैं, लेकिन इसका अधिक मात्रा में सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। इसके कारण पेट खराब होना, मतली, दस्त, अत्यधिक नींद आना और चक्कर जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं। इसलिए इसका उपयोग हमेशा विशेषज्ञ की सलाह और निर्धारित मात्रा में ही करना चाहिए।

क्या रखें सावधानी?

FSSAI ने स्पष्ट किया है कि अश्वगंधा की पत्तियों का उपयोग नहीं किया जाना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति अश्वगंधा आधारित उत्पादों का सेवन करता है तो उसे उत्पाद की सामग्री और मात्रा की जानकारी अवश्य जांचनी चाहिए। किसी भी तरह की असहजता महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।

नए नियमों के बाद आयुर्वेदिक और हेल्थ सप्लीमेंट उद्योग में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं, क्योंकि अब उत्पाद निर्माताओं को केवल अश्वगंधा की जड़ आधारित सामग्री का ही इस्तेमाल करना होगा।

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