KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे को लेकर विवाद तेज हो गया है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंदिर ट्रस्ट पर करोड़ों रुपये के गबन के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है।
अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन दावों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट में नियमित रूप से आंतरिक ऑडिट किया जाता है, जिसमें बैंक और ट्रस्ट के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। उनके अनुसार, अब तक किसी भी तरह की अनियमितता सामने नहीं आई है और ऑडिट प्रक्रिया सामान्य रूप से जारी है।
वहीं, अखिलेश यादव ने चंपत राय के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि “स्पष्टीकरण ही स्पष्ट नहीं है।” उन्होंने आरोप लगाया कि स्थिति को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई जा रही है और सरकार की चुप्पी भी सवाल खड़े करती है। अखिलेश ने यह भी कहा कि इस मामले की जांच अदालत को करनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
इस विवाद में सपा के पूर्व विधायक पवन पांडेय ने भी आरोप लगाते हुए दावा किया कि मंदिर के चढ़ावे में करोड़ों रुपये की अनियमितता हुई है। उन्होंने मांग की कि यदि आरोप गलत हैं तो ट्रस्ट को स्पष्ट रूप से सामने आकर स्थिति साफ करनी चाहिए और यदि सही हैं तो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।
गौरतलब है कि राम मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए कई स्थानों पर दान पेटियां रखी गई हैं। श्रद्धालु इन दानपात्रों में नकद दान करते हैं, जिसे रोजाना एकत्र कर बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से गिनती और जमा किया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया के लिए भारतीय स्टेट बैंक को अधिकृत किया गया है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक बहस और आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है, जबकि ट्रस्ट की ओर से सभी आरोपों को खारिज किया गया है और प्रक्रिया को पारदर्शी बताया गया है।