KNEWS DESK- भारत में कई ऐसे बाजार हैं जो अपनी अनूठी पहचान के लिए दुनिया भर में मशहूर हैं, लेकिन पूर्वोत्तर राज्य Manipur की राजधानी Imphal में मौजूद एक बाजार अपनी खास व्यवस्था के कारण सबसे अलग माना जाता है। यहां दुकानों पर आपको एक भी पुरुष दुकानदार नजर नहीं आएगा। इस पूरे बाजार का संचालन सिर्फ महिलाएं करती हैं।
क्या है इस बाजार का नाम?

इस अनोखे बाजार का नाम Ima Keithel है। स्थानीय भाषा में “इमा” का अर्थ मां और “कैथेल” का अर्थ बाजार होता है। यही वजह है कि इसे “मदर्स मार्केट” यानी माताओं का बाजार भी कहा जाता है।
दुनिया का सबसे बड़ा महिला बाजार

इमा कैथेल को दुनिया का सबसे बड़ा महिला संचालित बाजार माना जाता है। यहां हजारों महिलाएं रोजाना व्यापार करती हैं और अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालती हैं। यह बाजार न सिर्फ मणिपुर की पहचान है बल्कि महिला सशक्तिकरण का भी एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।
कैसे शुरू हुई यह परंपरा?

इतिहासकारों के अनुसार, कई सदियों पहले जब पुरुष युद्ध, खेती या अन्य कार्यों के लिए घरों से दूर रहते थे, तब महिलाओं ने बाजार की जिम्मेदारी संभालनी शुरू की। धीरे-धीरे यह व्यवस्था परंपरा बन गई और आज तक कायम है। वर्तमान में भी यहां दुकान लगाने का अधिकार मुख्य रूप से महिलाओं को ही दिया जाता है।
हजारों महिलाएं करती हैं कारोबार

इस बाजार में लगभग 3,000 से 5,000 महिलाएं व्यापार करती हैं। यहां दुकानें पीढ़ी-दर-पीढ़ी परिवार की महिलाओं को सौंपी जाती हैं। यही वजह है कि यह बाजार महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता का प्रतीक बन चुका है।
क्या-क्या मिलता है यहां?

इमा कैथेल में रोजमर्रा की जरूरत का लगभग हर सामान उपलब्ध है। यहां ताजी सब्जियां, फल, मसाले, पारंपरिक कपड़े, हस्तशिल्प उत्पाद, घरेलू सामान और स्थानीय संस्कृति से जुड़े कई विशेष उत्पाद खरीदे जा सकते हैं। बाजार में आने वाले पर्यटक भी यहां की अनूठी व्यवस्था को देखकर हैरान रह जाते हैं।
महिला सशक्तिकरण की मिसाल

आज के दौर में जहां महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है, वहीं इमा कैथेल सदियों पहले से इस सोच को जीता हुआ नजर आता है। यह बाजार न केवल व्यापार का केंद्र है, बल्कि महिलाओं की शक्ति, आत्मनिर्भरता और सामाजिक योगदान का जीवंत प्रतीक भी है।