Knews Desk- CBSE की 12वीं बोर्ड परीक्षा के री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग को लेकर चल रहे विवाद के बीच एक बड़ा फैसला सामने आया है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड CBSE ने हैदराबाद स्थित Coempt Eduteck Pvt Ltd को ही उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और ऑन-स्क्रीन मार्किंग OSM सिस्टम से जुड़े कार्यों के लिए बनाए रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब OSM प्रणाली को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, CBSE का मानना है कि री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए मौजूदा तकनीकी व्यवस्था को जारी रखना जरूरी है। बोर्ड ने फिलहाल स्कैनिंग एजेंसी में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। Coempt Eduteck वही कंपनी है जो डिजिटल मूल्यांकन और उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग का काम संभाल रही है।
हाल के दिनों में CBSE के OSM सिस्टम को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। कुछ छात्रों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए थे, जबकि एक छात्र द्वारा प्रकाशित ब्लॉग में टेंडर प्रक्रिया को लेकर भी आरोप लगाए गए थे। इन विवादों के बावजूद बोर्ड ने री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में इसी कंपनी की सेवाएं जारी रखने का फैसला किया है।
इस बीच CBSE ने 12वीं कक्षा के छात्रों के लिए री-इवैल्यूएशन और उत्तर पुस्तिका सत्यापन की समय-सीमा भी बढ़ाई है। बोर्ड का कहना है कि पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें मिलने के बाद छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया है ताकि कोई भी छात्र आवेदन से वंचित न रह जाए।
CBSE का दावा है कि डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली का उद्देश्य पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाना है। हालांकि, OSM प्रणाली को लेकर उठ रहे सवालों के बीच बोर्ड की यह नई घोषणा आने वाले दिनों में चर्चा का विषय बनी रह सकती है।