KNEWS DESK – बरेली हिंसा मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान को इलाहाबाद हाई कोर्ट से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है, जिसके बाद फिलहाल उन्हें जेल में ही रहना होगा। हाई कोर्ट के इस फैसले को मामले में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
मौलाना तौकीर रजा ने बरेली की निचली अदालत से जमानत न मिलने के बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट का रुख किया था। हालांकि, सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी अर्जी स्वीकार करने से इनकार कर दिया।
सितंबर 2025 की हिंसा से जुड़ा मामला
यह मामला सितंबर 2025 में बरेली में हुई हिंसा से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए थे। हालात बिगड़ने पर कई इलाकों में तनाव फैल गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
घटना के बाद शहर के विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने अपनी जांच में कुछ प्रमुख लोगों की भूमिका की भी जांच शुरू की थी, जिसमें मौलाना तौकीर रजा का नाम भी शामिल किया गया।
पुलिस ने लगाए गंभीर आरोप
अभियोजन पक्ष का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई और सुरक्षा बलों पर हमला किया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि घटना पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा हो सकती है। इसी आधार पर पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से अदालत में जमानत की मांग करते हुए कई तर्क पेश किए गए, लेकिन अदालत ने उन्हें पर्याप्त नहीं माना।
कई आरोपियों की याचिकाओं पर हुई सुनवाई
इस मामले में बड़ी संख्या में आरोपियों ने अदालत में जमानत याचिकाएं दाखिल की थीं। हाई कोर्ट ने इन याचिकाओं पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब अदालत ने तौकीर रजा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
फिलहाल मामले की सुनवाई और जांच की प्रक्रिया जारी है। आने वाले समय में इस केस से जुड़े अन्य आरोपियों की याचिकाओं और कानूनी कार्रवाई पर भी नजर बनी रहेगी।