Knews Desk- देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी के बाद आम लोगों को जल्द ही एक और झटका लग सकता है। रेटिंग एजेंसी क्रिसिल (CRISIL) की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहा तो इसका सीधा असर महंगाई, परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोल और डीजल महंगे होने से ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की लागत बढ़ जाएगी। कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं, जिससे खाद्य पदार्थों समेत कई उपभोक्ता वस्तुएं महंगी हो सकती हैं।
हाल के दिनों में तेल विपणन कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कई बार बढ़ोतरी की है। रिपोर्टों के अनुसार मई के मध्य से अब तक ईंधन के दामों में कुल मिलाकर करीब 7 से 8 प्रतिशत तक की वृद्धि हो चुकी है। इसके बावजूद सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बना हुआ है और उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। क्रिसिल ने यह भी कहा है कि डीजल की कीमतों में हर 5 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि होने पर मालभाड़े की दरों में लगभग 2.5 से 2.8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है। इसका असर देशभर में वस्तुओं की ढुलाई लागत पर पड़ेगा और अंततः उपभोक्ताओं को अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी। यदि कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में महंगाई पर दबाव बढ़ने और आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की आशंका जताई जा रही है।