छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 1000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां जब्त

Knews Desk- छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1000 करोड़ रुपये से अधिक बाजार मूल्य की संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की हैं। एजेंसी का कहना है कि यह कार्रवाई राज्य की आबकारी व्यवस्था से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब तक की सबसे महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में शामिल है।

ED के रायपुर जोनल कार्यालय के मुताबिक, 28 मई को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत तीन अलग-अलग अस्थायी जब्ती आदेश जारी किए गए। जब्त की गई संपत्तियों का दस्तावेजी मूल्य करीब 200 करोड़ रुपये है, जबकि उनका अनुमानित बाजार मूल्य 1000 करोड़ रुपये से अधिक बताया गया है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी। जांच एजेंसी का आरोप है कि कारोबारी अनवर ढेबर और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की अगुवाई में एक संगठित शराब सिंडिकेट संचालित किया गया।

ED के अनुसार, इस नेटवर्क में कुछ वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, डिस्टिलरी संचालक और अन्य निजी व्यक्ति भी शामिल थे। एजेंसी का दावा है कि शराब सिंडिकेट ने खरीद दरों में हेरफेर, अवैध शराब उत्पादन और बिक्री तथा FL-10A लाइसेंस धारकों से कथित वसूली के जरिए भारी आर्थिक लाभ कमाया।

जांच एजेंसी का अनुमान है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से लगभग 2883 करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की गई। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले समय में और भी बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।

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