Knews Desk– समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक अब्दुल्ला आजम खान को दोहरे पासपोर्ट मामले में बड़ी कानूनी राहत मिली है। रामपुर की एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई 7 साल की सजा को रद्द करते हुए उन्हें इस मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद राजनीतिक और कानूनी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
दरअसल, अब्दुल्ला आजम खान पर आरोप था कि उन्होंने अलग-अलग जन्मतिथियों के आधार पर दो पासपोर्ट बनवाए थे। इस मामले में वर्ष 2019 में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरोप लगाया गया कि पासपोर्ट और अन्य दस्तावेजों में उनकी जन्मतिथि अलग-अलग दर्ज थी, जिसके आधार पर उन पर फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल का मामला दर्ज किया गया।
इस मामले में दिसंबर 2025 में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम खान को दोषी ठहराते हुए 7 साल की सजा सुनाई थी। फैसले के खिलाफ उनके वकीलों ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की थी। अपील पर सुनवाई के बाद सेशन कोर्ट ने निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया और अब्दुल्ला आजम खान को राहत देते हुए बरी कर दिया।
अब्दुल्ला आजम खान के वकील नासिर सुल्तान ने बताया कि अदालत ने सभी तथ्यों और दस्तावेजों की समीक्षा के बाद यह फैसला सुनाया है। उनके अनुसार कोर्ट ने पाया कि मामले में दोषसिद्धि को बरकरार रखने के पर्याप्त आधार नहीं हैं।
गौरतलब है कि अब्दुल्ला आजम खान और उनके पिता आजम खान कई अन्य मामलों को लेकर भी कानूनी प्रक्रिया का सामना कर रहे हैं। हालांकि दोहरे पासपोर्ट मामले में आए इस फैसले को अब्दुल्ला आजम खान के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। फैसले के बाद उनके समर्थकों में खुशी का माहौल है, जबकि राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।