नौतपा की तपिश भले बढ़ाए परेशानी, लेकिन प्रकृति और इंसान के लिए बेहद जरूरी हैं ये 9 दिन

KNEWS DESK- देशभर में नौतपा की शुरुआत हो चुकी है और कई राज्यों में तापमान 45 से 46 डिग्री तक पहुंच गया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। मौसम विभाग लगातार दोपहर में बाहर न निकलने और सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है।

हालांकि नौतपा की यह भीषण गर्मी सिर्फ परेशानी ही नहीं लाती, बल्कि प्रकृति और मानव जीवन के लिए कई मायनों में बेहद जरूरी भी मानी जाती है। वैज्ञानिक और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, ये 9 दिन धरती, खेती, फलों और शरीर के लिए काफी अहम भूमिका निभाते हैं।

क्या होता है नौतपा?

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तब नौतपा की शुरुआत होती है। इस दौरान सूर्य की किरणें सीधे धरती पर पड़ती हैं, जिसकी वजह से भीषण गर्मी और लू चलती है। इन 9 दिनों को साल का सबसे गर्म समय माना जाता है।

अच्छे मानसून की नींव रखती है नौतपा की गर्मी

मान्यता है कि नौतपा में जितनी तेज गर्मी पड़ती है, मानसून भी उतना ही अच्छा होता है। दरअसल तेज धूप की वजह से समुद्र का पानी तेजी से वाष्प बनकर ऊपर उठता है, जो बाद में बारिश का कारण बनता है। खेती प्रधान देश भारत में अच्छी बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है और नौतपा इसमें अहम भूमिका निभाता है।

मिट्टी का प्राकृतिक शुद्धिकरण करती है तेज गर्मी

नौतपा की भीषण गर्मी मिट्टी में मौजूद कई हानिकारक बैक्टीरिया और कीटाणुओं को खत्म करने में मदद करती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़े कम होते हैं और बारिश के बाद खेती के लिए जमीन बेहतर तैयार होती है।

फलों की मिठास के लिए जरूरी है नौतपा

आम, खरबूजा, तरबूज और जामुन जैसे गर्मियों के फलों को सही तरीके से पकने के लिए तेज गर्मी की जरूरत होती है। अगर नौतपा के दौरान अच्छी गर्मी न पड़े, तो फलों में मिठास और स्वाद सही तरीके से विकसित नहीं हो पाता।

शरीर के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है ये गर्मी

नौतपा के दौरान पड़ने वाली तेज गर्मी शरीर के रोम छिद्रों को खोलती है। इससे पसीने के जरिए शरीर के टॉक्सिन बाहर निकलते हैं और शरीर बारिश के मौसम के लिए खुद को तैयार करता है।

हालांकि इस दौरान लापरवाही भारी पड़ सकती है, इसलिए भरपूर पानी पीना, हल्का भोजन करना और धूप से बचाव बेहद जरूरी माना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *