Knews Desk, अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के पास शनिवार शाम अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई देने से अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक संदिग्ध शख्स ने व्हाइट हाउस के नजदीक मौजूद सिक्योरिटी चेकपॉइंट पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद यूएस सीक्रेट सर्विस ने जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में संदिग्ध की मौत हो गई, जबकि एक राहगीर भी गोली लगने से घायल हुआ है।
क्या हुआ था?
रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना 17th Street और Pennsylvania Avenue NW के पास हुई, जो व्हाइट हाउस के बेहद करीब का इलाका माना जाता है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इलाके में अचानक 10 से 30 राउंड तक गोलियां चलने जैसी आवाजें सुनाई दीं। मौके पर मौजूद पत्रकारों और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत जमीन पर लेटने और सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश दिए गए।

सीक्रेट सर्विस का आधिकारिक बयान
यूएस सीक्रेट सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी बयान में कहा कि संदिग्ध व्यक्ति ने सुरक्षा बैरियर के पास पहुंचकर बैग से हथियार निकाला और फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात एजेंट्स ने तुरंत जवाबी कार्रवाई की। एजेंसी ने यह भी साफ किया कि उनके किसी अधिकारी को चोट नहीं आई है।

FBI भी जांच में शामिल
घटना के तुरंत बाद FBI की टीम भी मौके पर पहुंच गई। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पर पुष्टि की कि एजेंसी मामले की जांच में सीक्रेट सर्विस की मदद कर रही है। पूरे इलाके को कुछ समय के लिए लॉकडाउन कर दिया गया था और व्हाइट हाउस प्रेस ब्रीफिंग रूम में मौजूद मीडिया कर्मियों को ‘shelter in place’ का निर्देश दिया गया।
राष्ट्रपति सुरक्षित
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार घटना के समय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद थे, लेकिन उन्हें किसी तरह का खतरा नहीं पहुंचा। सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत पूरे परिसर को सील कर दिया था।
संदिग्ध कौन था?
कुछ अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि मारे गए संदिग्ध की पहचान 21 वर्षीय नसिर बेस्ट के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह पहले भी व्हाइट हाउस के आसपास संदिग्ध गतिविधियों के कारण पुलिस रिकॉर्ड में रह चुका था और उस पर “stay-away order” भी जारी किया गया था। हालांकि अधिकारियों की तरफ से अभी तक औपचारिक पुष्टि नहीं की गई है।
लगातार बढ़ रही सुरक्षा चिंता
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पिछले कुछ हफ्तों में व्हाइट हाउस और उससे जुड़े कार्यक्रमों के आसपास कई सुरक्षा घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इससे अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों पर दबाव और बढ़ गया है।
