Knews Desk– सीबीएसई (CBSE) कक्षा 12वीं के रिजल्ट जारी होने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच कम नंबर और पास प्रतिशत में गिरावट को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी बीच केंद्र सरकार ने छात्रों को राहत देने वाला बड़ा बयान दिया है. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव Sanjay Kumar ने साफ कहा है कि यदि किसी छात्र के री-चेकिंग या री-इवैल्यूएशन में अंक बढ़ते हैं, तो उसकी पूरी फीस वापस कर दी जाएगी.
दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में Sanjay Kumar ने माना कि इस बार CBSE 12वीं के परिणामों में गिरावट दर्ज की गई है. उन्होंने बताया कि इस वर्ष कॉपियों की जांच के लिए पहली बार ‘ऑन-स्क्रीन मार्किंग’ (OSM) सिस्टम का उपयोग किया गया था. इस नई प्रक्रिया के लागू होने के बाद छात्रों और अभिभावकों की ओर से कई सवाल और चिंताएं सामने आई हैं.

सरकार के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस बार पास प्रतिशत में करीब 3 फीसदी की गिरावट आई है. बीते वर्ष जहां पास प्रतिशत लगभग 88 फीसदी था, वहीं इस बार यह घटकर 85 फीसदी रह गया है. यही वजह है कि कई छात्रों को लग रहा है कि उन्हें उनकी उम्मीद के मुताबिक अंक नहीं मिले हैं.
शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि छात्रों का हित सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा. मंत्रालय का कहना है कि री-चेकिंग और री-इवैल्यूएशन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रखी जाएगी. यदि जांच के बाद किसी छात्र के अंक बढ़ते हैं, तो उससे ली गई फीस वापस कर दी जाएगी. सरकार के इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपने रिजल्ट को लेकर असंतुष्ट हैं और दोबारा जांच के लिए आवेदन करने की तैयारी कर रहे हैं।