Lucknow में चैंबरों पर बुलडोजर कार्रवाई से भड़के वकील, 2 दिन कार्य बहिष्कार का ऐलान, बड़े आंदोलन की चेतावनी

KNEWS DESK – उत्तर प्रदेश की राजधानी Lucknow में जिला कचहरी के आसपास बने कथित अवैध वकील चैंबरों पर रविवार सुबह बुलडोजर कार्रवाई के दौरान जमकर हंगामा देखने को मिला. नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी. जैसे ही चैंबर तोड़े जाने लगे, बड़ी संख्या में वकील विरोध में सड़क पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी.

स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब एक युवा वकील ने खुद को अपने चैंबर में बंद कर लिया और फांसी लगाने की धमकी देने लगा. उसने कहा कि अगर उसके चैंबर पर बुलडोजर चलाया गया तो वह आत्महत्या कर लेगा. यह नजारा देखकर मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस-प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ी.

बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में वकीलों ने अब बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है. अधिवक्ता संघ की बैठक के बाद फैसला लिया गया कि सोमवार और मंगलवार को वकील न्यायिक कार्य का बहिष्कार करेंगे. सेंट्रल बार की आम सभा में यह निर्णय लिया गया. वकीलों ने आरोप लगाया कि नगर निगम ने कई वैध चैंबरों को भी अवैध बताकर तोड़ दिया है.

प्रदर्शन कर रहे वकीलों का कहना है कि बिना पर्याप्त नोटिस और वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई करना अन्यायपूर्ण है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने विरोध कर रहे अधिवक्ताओं के साथ सख्ती की और कोर्ट परिसर में तनाव का माहौल बना दिया.

इस पूरे मामले पर Samajwadi Party ने भी योगी सरकार पर निशाना साधा है. पार्टी प्रवक्ता Manoj Kaka ने कहा कि अधिवक्ताओं पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग और चैंबरों पर बुलडोजर चलाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने कहा कि वकीलों की बात सुने बिना इस तरह की कार्रवाई करना उनके सम्मान और अधिकारों का अपमान है.

समाजवादी पार्टी ने मांग की है कि जिन वकीलों के चैंबर तोड़े गए हैं, उनके लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था करे. वहीं दूसरी ओर प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई हाई कोर्ट के आदेश और अवैध निर्माण हटाने की प्रक्रिया के तहत की गई है.