KNEWS DESK – मिडल ईस्ट में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. देश में रसोई गैस की सप्लाई बनाए रखने के लिए दो बड़े LPG टैंकर सुरक्षित रूप से भारत पहुंचने की प्रक्रिया में हैं. इनमें से एक जहाज गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच चुका है, जबकि दूसरा सोमवार को मंगलौर पोर्ट पहुंचेगा. इन दोनों जहाजों में कुल 66,427 मीट्रिक टन LPG लदी हुई है, जिससे करीब 46.7 लाख घरेलू गैस सिलेंडर भरे जा सकते हैं.
मार्शल आइलैंड्स के झंडे वाला LPG टैंकर ‘Symi’ लगभग 20 हजार टन गैस लेकर कांडला पोर्ट पहुंच गया है. जहाज को कांडला पोर्ट की ऑयल जेटी पर डॉक किया गया है और जल्द ही अनलोडिंग शुरू होने वाली है. वहीं वियतनाम के ध्वज वाला दूसरा बड़ा टैंकर ‘NV Sunshine’ करीब 46,427 टन LPG लेकर भारत के पश्चिमी तट की ओर बढ़ रहा है. इसके सोमवार को मंगलौर पोर्ट पहुंचने की संभावना है.
ऊर्जा विशेषज्ञों के मुताबिक, देश में हर दिन करीब 80 से 90 हजार टन LPG की खपत होती है. ऐसे में यह खेप भले ही पूरे देश की जरूरतों को लंबे समय तक पूरा न कर पाए, लेकिन रणनीतिक रूप से इसका महत्व बेहद बड़ा है. भारत अपनी LPG जरूरतों का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा आयात करता है. इसलिए लगातार टैंकरों का सुरक्षित पहुंचना देश के इमरजेंसी बफर स्टॉक को बनाए रखने के लिए जरूरी माना जा रहा है.
कुल 66,427 मीट्रिक टन LPG यानी करीब 6.64 करोड़ किलोग्राम गैस से लगभग 46.7 लाख घरेलू सिलेंडर भरे जा सकते हैं. भारत में हर दिन करीब 55 लाख सिलेंडरों की डिलीवरी होती है. यानी यह खेप देश की लगभग एक दिन की जरूरत के बराबर मानी जा रही है. इससे गुजरात, कर्नाटक और आसपास के राज्यों के बॉटलिंग प्लांट कई दिनों तक पूरी क्षमता के साथ काम कर सकेंगे.
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के चलते होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी. ऐसे हालात में ‘Symi’ ने 13 मई और ‘NV Sunshine’ ने 14 मई को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार किया था. इसी दौरान ओमान के समुद्री क्षेत्र में भारतीय नौका ‘हाजी अली’ पर हमला भी हुआ था, हालांकि सभी 14 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बचा लिया गया था.
भारत सरकार का पेट्रोलियम मंत्रालय इस पूरी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. मंत्रालय ने कहा है कि घरेलू LPG सप्लाई को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और फिलहाल कहीं से सप्लाई बाधित होने की सूचना नहीं है. इसके अलावा कालाबाजारी रोकने के लिए DAC आधारित डिलीवरी सिस्टम को भी और मजबूत किया गया है.