Knews Desk– CBSE बोर्ड 12वीं के रिजल्ट को लेकर छात्रों के विरोध और ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम पर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है. अब छात्र अपनी आंसरशीट की कॉपी सिर्फ 100 रुपये में देख सकेंगे. पहले इसके लिए 700 रुपये फीस देनी पड़ती थी. इसके साथ ही वैरिफिकेशन फीस भी 500 रुपये से घटाकर 100 रुपये कर दी गई है.
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता सचिव संजय कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार CBSE ने डिजिटल ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम के जरिए कॉपियों की जांच की. रिजल्ट जारी होने के बाद कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें उम्मीद से कम अंक मिले हैं. सोशल मीडिया पर भी छात्रों ने अपनी मार्कशीट शेयर कर नाराजगी जाहिर की थी.

संजय कुमार ने स्पष्ट किया कि OSM कोई नया सिस्टम नहीं है. इसे पहली बार 2014 में लागू किया गया था, लेकिन तकनीकी सीमाओं के कारण इसे आगे जारी नहीं रखा जा सका. इस साल इसे दोबारा लागू किया गया है. उन्होंने बताया कि करीब 98 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल फॉर्मेट में जांचा गया.
मूल्यांकन के दौरान लगभग 13 हजार कॉपियों में स्कैनिंग से जुड़ी दिक्कतें सामने आईं, क्योंकि उनमें हल्के रंग की स्याही का इस्तेमाल किया गया था. ऐसे मामलों में कॉपियों की ऑफलाइन मैन्युअल जांच कर अंक दर्ज किए गए. शिक्षा सचिव ने दावा किया कि नए सिस्टम से टोटलिंग की गलतियां पूरी तरह खत्म हो गई हैं.
उन्होंने कहा कि अगर किसी छात्र को अपने नंबरों पर संदेह है तो वह 100 रुपये देकर आंसरशीट देख सकता है. किसी प्रश्न की री-चेकिंग के लिए 25 रुपये फीस तय की गई है. साथ ही, अगर पुनर्मूल्यांकन में छात्र के अंक बढ़ते हैं तो उससे ली गई पूरी फीस वापस कर दी जाएगी. CBSE ने कहा कि छात्रों का हित और मानसिक संतुलन उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।