नक़ल माफियाओं की कारस्तानी,परीक्षा की नीलामी ! 

उत्तराखंड ब्यूरो रिपोर्ट, उत्तराखंड की राजनीति में इन दिनों देशभर में नीट यूजी 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद उपजे विवाद ने तूल पकड़ लिया है. 3 मई 2026 को आयोजित हुई नीट यूजी 2026 परीक्षा पेपर लीक और धांधली के आरोपों के बाद रद्द कर दी गई जिसके बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने 12 मई 2026 को इस फैसले की पुष्टि की. करोड़ो युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले ने युवाओं के मन में ठेस पहुंचाने का कार्य तो किया ही है, पेपर लीक की गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने अगले साल से NEET परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित करने का फैसला किया है.फिलहाल इसी साल रद्द परीक्षा की दोबारा नई तारीख 21 जून घोषित की गई है.वही विपक्ष को भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने पर मजबूर कर दिया है.आपको बता दे, कि इस बार उत्तराखंड के 1800 छात्र नीट की परीक्षा में बैठे थे, लेकिन परीक्षा रद्द होने से छात्रों पर मानसिक और आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. पूरे प्रदेश में उक्त विषय के चलते सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी देखी जा रही है, तो कही मशाल जुलूस निकाले जा रहे है. इसी क्रम में बीते गुरुवार कांग्रेस ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी पर बड़ा हमला बोला. देहरादून स्थित प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा द्वारा परीक्षा कराने में NTA को फेल बताया साथ ही भाजपा सरकार पर जमकर हल्ला भी बोला. कांग्रेस के अनुसार भाजपा सरकार की कथनी और करनी में बहुत फर्क है. कांग्रेस के अनुसार उत्तराखंड में भी UKSSC, पटवारी भर्ती समेत कई पेपर लीक हो चुके हैं और नकल के मास्टरमाइंड कमजोर पैरवी के चलते हाईकोर्ट से जमानत पा जाते है, और चाहे केंद्र में बैठी मोदी सरकार हो या प्रदेश की धामी सरकार के बड़े बड़े दावे धरातल पर दिखाई नही पड़ रहे है. वही इन विषयों के चलते पक्ष विपक्ष के बीच आपसी बयानबाज़ी देखी जा रही है.

शिक्षा का हब कहा जाने वाला उत्तराखंड पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी घटनाओं का सामना करता नजर आ रहा, जिन्होंने सरकारी भर्ती प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए. राज्य में पेपर लीक का नेटवर्क किस हद तक फैल चुका था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई मामलों में संगठित गिरोह, दलाल, कोचिंग नेटवर्क और प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता सामने आई. अभी तक अलग-अलग मामलों में 60 से अधिक गिरफ्तारियां भी हो चुकी हैं. वही विपक्ष को भी सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने पर मजबूर कर दिया है.जिस पर लगतार प्रदेश में बड़े आंदोलन की और देखा जा सकता है.वही सत्ता दल भाजपा इसका पूरा दोष विपक्षी दलों पर लगता नजर आ रहा है.जिस पर जुबानी जंग प्रदेश में जारी है.

    देशभर में NEET-UG 2026 परीक्षा रद्द होने के बाद उपजे विवाद ने उत्तराखंड की राजनीति को भी गरमा दिया है. कांग्रेस और भाजपा एक-दूसरे पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं.अब तक की बात की जाएं तो राज्य में लाखों युवा वर्षों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. परिवार आर्थिक बोझ उठाते हैं. कोचिंग और रहने पर खर्च होता है, लेकिन जब परीक्षा रद्द होती है या पेपर लीक होता है, तो सबसे बड़ा नुकसान ईमानदार अभ्यर्थियों को उठाना पड़ता है. लगातार हो रहे परीक्षा घोटाले युवाओं को मानसिक रूप से तोड़ रहे हैं. इससे सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों में निराशा और अविश्वास बढ़ रहा है.इस पर नकल माफियाओं पर कब तक लगाम लग पायेगी शायद इसका जवाब अभी तक किसी के पास नहीं। खैर पेपर लीक की गड़बड़ियों के बाद केंद्र सरकार ने अगले साल से NEET परीक्षा ऑनलाइन मोड में आयोजित करने का फैसला किया है.फिलहाल इसी साल रद्द परीक्षा की दोबारा नई तारीख 21 जून घोषित की गई है.

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