डिजिटल डेस्क- बिहार के कटिहार जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक रूहानी वाली घटना सामने आई है, जहाँ ‘भीड़ तंत्र’ ने कानून और इंसानियत दोनों की धज्जियां उड़ा दीं। कुर्सेला थाना क्षेत्र के गोबराही दियारा इलाके में दो नाबालिगों को कथित तौर पर आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने जो किया, उसने आधुनिक समाज के चेहरे पर कालिख पोत दी है। घटना कुछ दिन पहले की बताई जा रही है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह भीड़ ने एक नाबालिग किशोर को बंधक बना रखा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद ही न्यायाधीश की भूमिका निभाते हुए लड़के का आधा सिर मुंडवा दिया। इतना ही नहीं, उसे अपमानित करने के लिए पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान वहां मौजूद लोग मूकदर्शक बने रहे और कुछ अपने मोबाइल में इस हैवानियत को कैद करते रहे। अपमान की पराकाष्ठा यहीं खत्म नहीं हुई। ग्रामीणों ने कानून को ताक पर रखकर दोनों नाबालिगों की जबरन शादी भी करवा दी। नाबालिगों की चीखें और उनकी मर्जी भीड़ के शोर के नीचे दबकर रह गई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। कोढ़ा पुलिस अनुमंडल के डीएसपी रंजन सिंह ने बताया कि पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। अब तक किशोरी के एक परिजन को गिरफ्तार किया जा चुका है। डीएसपी ने स्पष्ट किया, “किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है। वायरल वीडियो में दिख रहे अन्य दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। मामले की तह तक जाकर सभी अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।”
जनप्रतिनिधियों ने जताया रोष
इस अमानवीय कृत्य पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी कड़ा ऐतराज जताया है। दक्षिणी मुरादपुर पंचायत के मुखिया ललन राम ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें वार्ड सदस्य के जरिए इसकी सूचना मिली थी। उन्होंने कहा कि पंचायत या ग्रामीणों को किसी को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना देने का कोई नैतिक या कानूनी अधिकार नहीं है। नाबालिगों के साथ ऐसा व्यवहार समाज की गिरती मानसिकता का परिचायक है।