KNEWS DESK- असम की राजनीति में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) सरकार लगातार तीसरी बार सत्ता संभालने जा रही है। हिमंता बिस्वा सरमा आज दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11:40 बजे गुवाहाटी के वेटनरी कॉलेज ग्राउंड में आयोजित होगा।
इस भव्य समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah समेत कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे। इसके अलावा उद्योग जगत की प्रमुख हस्तियां, सत्राधिकार, भाजपा कार्यकर्ता और बूथ समिति के अध्यक्ष भी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।
मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पहले हिमंता बिस्वा सरमा ने अपने मंत्रिमंडल के पहले चार सहयोगियों के नामों की घोषणा की। उनके साथ रामेश्वर तेली, अतुल बोरा, चरण बोरो और अजंता नियोग मंत्री पद की शपथ लेंगे। सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामय उपस्थिति में यह शपथ ग्रहण समारोह राज्य के लिए ऐतिहासिक क्षण होगा।
अतुल बोरा, असम गण परिषद (एजीपी) के अध्यक्ष हैं और पूर्व सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। वहीं चरण बोरो बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) से विधायक हैं और उन्होंने भी पिछली एनडीए सरकार में मंत्री के रूप में जिम्मेदारी निभाई थी। अजंता नियोग को भी फिर से मंत्रिमंडल में जगह मिली है। रामेश्वर तेली, जो पहले केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं, ने 2026 के विधानसभा चुनाव के जरिए राज्य की राजनीति में वापसी की है।
हिमंता बिस्वा सरमा ने यह भी घोषणा की कि विधायक रंजीत दास को असम विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए एनडीए का उम्मीदवार बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार एक मजबूत, विकसित और समृद्ध असम के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेगी।शपथ ग्रहण समारोह से पहले सोमवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुवाहाटी पहुंचे। लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री पद के लिए नामित हिमंता बिस्वा सरमा और भाजपा नेताओं ने उनका स्वागत किया। पीएम मोदी के आगमन को लेकर पूरे गुवाहाटी में उत्साह का माहौल देखा गया।
हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रधानमंत्री के स्वागत में पोस्ट करते हुए कहा कि उनका यह दौरा असम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि राज्य में लगातार तीसरी बार भाजपा-एनडीए सरकार का गठन हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और आशीर्वाद के लिए आभार भी जताया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह शपथ ग्रहण केवल सरकार गठन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर में भाजपा की मजबूत पकड़ और एनडीए की राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।