Knews Desk– बॉलीवुड में जहां इन दिनों एक्शन और थ्रिलर फिल्मों का दबदबा है, वहीं Daadi Ki Shaadi एक पुराने जमाने के फैमिली ड्रामे को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश करती है. फिल्म की कहानी एक ऐसे परिवार से शुरू होती है जहां टोनी (कपिल शर्मा) की शादी की तैयारियां चल रही होती हैं, लेकिन तभी कहानी में बड़ा ट्विस्ट आता है- दादी (नीतू कपूर) खुद दूसरी शादी करने का ऐलान कर देती हैं.
कहानी में इमोशन, कन्फ्यूजन और पारिवारिक हंगामा
इस फैसले के बाद घर में हलचल मच जाती है. रिश्तों में दरारें दिखने लगती हैं, पुराने राज सामने आते हैं और पूरा माहौल इमोशनल ड्रामा और हल्की-फुल्की कॉमेडी से भर जाता है. कहानी में आगे एक और ट्विस्ट आता है जब पता चलता है कि दादी जिस व्यक्ति से शादी करना चाहती हैं, वह अपनी असली पहचान छुपा रहा है और एक धोखेबाज है.
नीतू कपूर बनीं फिल्म की जान, कपिल शर्मा रह गए पीछे
Neetu Kapoor इस फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं. उनकी स्क्रीन प्रेजेंस, भावनात्मक गहराई और सहज अभिनय पूरे फिल्म को संभालते हैं. जब-जब वह स्क्रीन पर आती हैं, कहानी जीवंत हो उठती है. वहीं Kapil Sharma ने कॉमेडी से हटकर गंभीर किरदार निभाने की कोशिश की है, लेकिन कई जगह उनका अभिनय कमजोर नजर आता है. इमोशनल दृश्यों में वे अभी भी पूरी तरह प्रभाव नहीं छोड़ पाते.
रिद्धिमा कपूर का डेब्यू और सादगी भरा असर
Riddhima Kapoor Sahni ने अपने पहले ही प्रोजेक्ट में सादगी और आत्मविश्वास से ध्यान खींचा है. उनकी परफॉर्मेंस खासकर कुछ इमोशनल सीन में असरदार लगती है. नीतू कपूर के साथ उनकी केमिस्ट्री स्वाभाविक दिखाई देती है.कमजोर कहानी और प्रेडिक्टेबल प्लॉट बना सबसे बड़ी कमी
फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी है, जो बहुत हद तक पहले से अनुमानित लगती है. ट्रेलर देखने के बाद ही दर्शक कई ट्विस्ट समझ सकते हैं. फिल्म में नया कुछ भी खास नहीं है, जिससे रोमांच कम हो जाता है.
कॉमेडी और केमिस्ट्री में नहीं दिखा दम
कपिल शर्मा की मौजूदगी के बावजूद कॉमेडी कमजोर रहती है. कई जोक्स असर नहीं छोड़ पाते. वहीं कपिल और सादिया खातीब की जोड़ी भी स्क्रीन पर खास केमिस्ट्री नहीं बना पाती. उम्र का अंतर और कमजोर लेखन दोनों मिलकर असर कम कर देते हैं.
निर्देशन और तकनीकी पक्ष ठीक-ठाक, लेकिन रिस्क नहीं लिया गया
निर्देशक ने सुरक्षित रास्ता चुना है और कोई बड़ा प्रयोग नहीं किया. फिल्म की तकनीकी क्वालिटी ठीक है, लेकिन कुछ भी ऐसा नहीं जो दर्शकों को चौंका दे.
हल्की-फुल्की फैमिली फिल्म, नीतू कपूर के लिए देखी जा सकती है
कुल मिलाकर यह फिल्म कोई मास्टरपीस नहीं है, लेकिन एक सॉफ्ट फैमिली एंटरटेनर जरूर है. अगर आप हल्की-फुल्की, इमोशनल और पारिवारिक फिल्म देखना चाहते हैं तो इसे एक बार देखा जा सकता है. सबसे बड़ी वजह—नीतू कपूर का शानदार अभिनय, जो पूरी फिल्म को संभाल लेता है.