डिजिटल डेस्क- बिहार की सियासत में गुरुवार का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार की उलटी गिनती शुरू हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आवास पर हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद जनता दल यूनाइटेड (JDU) कोटे से मंत्री बनने वाले 12 विधायकों के नाम लगभग तय हो गए हैं। इस सूची में सबसे चौंकाने वाला और चर्चा का विषय बना नाम है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का, जिनका सक्रिय राजनीति में यह पहला और बड़ा कदम माना जा रहा है.
निशांत कुमार की ‘एंट्री’ और पुराने चेहरों का दबदबा
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने बुधवार को संभावित मंत्रियों की सूची नीतीश कुमार को सौंप दी है. इस सूची में निशांत कुमार का नाम शामिल करना राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है। माना जा रहा है कि निशांत कुमार न केवल मंत्री बनेंगे, बल्कि उन्हें कैबिनेट में कोई अहम मंत्रालय भी सौंपा जा सकता है. वहीं, नीतीश सरकार में मंत्री रह चुके पुराने चेहरों पर सम्राट कैबिनेट ने भी भरोसा जताया है। श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, लेसी सिंह, मदन सहनी, सुनील कुमार और जमा खान जैसे अनुभवी नेताओं को मंत्रिमंडल में रिपीट किया जा रहा है. पार्टी का मानना है कि 2025 के विधानसभा चुनाव के बाद गठित सरकार के सफल चेहरों को बनाए रखना सामंजस्य के लिए जरूरी है.
नए चेहरों और अनुभवी दिग्गजों का संतुलन
जदयू ने इस बार सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए नए और पुराने चेहरों का बेहतरीन संतुलन बनाया है। नए चेहरों की बात करें तो शीला मण्डल, दामोदर रावत और बुलो मण्डल पहली बार मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इनके अलावा, रत्नेश सदा और भगवान सिंह कुशवाहा भी इस सूची का हिस्सा हैं, जो पहले भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं.
गठबंधन का गणित: भाजपा और जदयू में बराबर की हिस्सेदारी
सम्राट कैबिनेट के स्वरूप की बात करें तो सत्ता के समीकरण में भाजपा और जदयू को बराबर का दर्जा दिया गया है। मंत्रिमंडल में दोनों पार्टियों के पास 16-16 पद रहेंगे. अन्य सहयोगी दलों को भी उचित प्रतिनिधित्व दिया गया है:
- लोजपा (रामविलास): चिराग पासवान की पार्टी को 2 मंत्री पद मिले हैं.
- HAM और रालोमो: जीतनराम मांझी की ‘हम’ और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी को 1-1 पद आवंटित किया गया है.
गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में जदयू कोटे से 10 से 12 नेताओं के शपथ लेने की चर्चा है, जबकि कुछ पद भविष्य के विस्तार के लिए खाली रखे जा सकते हैं. जदयू के दो नेता पहले ही उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेकर सरकार का हिस्सा बन चुके हैं. नीतीश कुमार की फाइनल मुहर के बाद अब बस राजभवन में औपचारिक ऐलान का इंतजार है।