KNEWS DESK- ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) पर हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी मीडिया Islamic Republic of Iran Broadcasting (IRIB) के अनुसार, Khatam al-Anbiya Central Headquarters के प्रवक्ता ने स्पष्ट कहा कि तेहरान ने यूएई के खिलाफ कोई सैन्य कार्रवाई नहीं की है।
प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यदि ईरान कोई सैन्य अभियान चलाता, तो उसे आधिकारिक रूप से घोषित किया जाता। उन्होंने यूएई के रक्षा मंत्रालय के दावों को “पूरी तरह बेबुनियाद” बताते हुए खारिज कर दिया। साथ ही चेतावनी दी कि यदि यूएई की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों के लिए किया गया, तो जवाब “निर्णायक” और “कड़ा” होगा।
ईरान ने यह आरोप भी लगाया कि United Arab Emirates अपने क्षेत्र को United States और Israel जैसे देशों के उपयोग के लिए उपलब्ध करा रहा है। तेहरान ने अमीराती नेतृत्व से अपील की कि वे अपने देश को “विरोधी ताकतों का अड्डा” बनने से रोकें।
इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यूएई को लगातार दूसरे दिन हमलों का सामना करना पड़ा है। यूएई अधिकारियों का दावा है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन को सफलतापूर्वक रोक लिया। हालांकि, एक हमले में फुजैरा के ऑयल इंडस्ट्री ज़ोन में भीषण आग लगने की खबर है, जिससे क्षेत्र में चिंता और बढ़ गई है।
क्षेत्रीय तनाव की जड़ 28 फरवरी की घटनाओं में देखी जा रही है, जब United States और Israel ने ईरान पर हमले किए थे। इसके बाद से पूरे मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ते गए। ईरान की जवाबी कार्रवाइयों का असर Strait of Hormuz जैसे अहम समुद्री मार्ग पर भी पड़ा है।
8 अप्रैल को Pakistan की मध्यस्थता में एक अस्थायी युद्धविराम लागू किया गया था, लेकिन यह स्थायी समझौते में नहीं बदल सका। बाद में अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस युद्धविराम को अनिश्चितकाल तक बढ़ा दिया। इसके बावजूद 13 अप्रैल से अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ में ईरानी गतिविधियों को रोकने के लिए नौसैनिक नाकाबंदी लागू कर दी, जिससे स्थिति और जटिल हो गई है।
खाड़ी क्षेत्र में जारी इन घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है, और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।