Knews Desk-हैदराबाद में एक कैब ड्राइवर द्वारा अपनी गाड़ी में लगाए गए नियमों की लिस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस अनोखे नोट ने यात्रियों और नेटिजन्स के बीच नई बहस छेड़ दी है कि क्या ड्राइवर का यह रवैया सही है या गलत।
यह मामला हैदराबाद का है, जहां एक कैब के पीछे चिपकाई गई नियमों की सूची ने लोगों का ध्यान खींचा। X (पहले ट्विटर) पर वायरल हुई तस्वीर में ड्राइवर ने यात्रियों के लिए कई सख्त निर्देश लिखे हैं।

“एटीट्यूड जेब में रखें” सबसे ज्यादा वायरल लाइन
नोट में सबसे चर्चित लाइन है “अपना एटीट्यूड अपनी जेब में रखें।” ड्राइवर ने साफ लिखा है कि यात्री केवल सवारी के पैसे दे रहे हैं, बदतमीजी करने का अधिकार नहीं खरीद रहे हैं। यह लाइन सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है और इसी को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।
‘भैया’ बोलना मना, कैब में रोमांस पर रोक
ड्राइवर ने यात्रियों से अपील की है कि उन्हें “भैया” कहकर न पुकारा जाए और पेशेवर व्यवहार बनाए रखा जाए। इसके अलावा गाड़ी के दरवाजे धीरे बंद करने और वाहन का सम्मान करने की सलाह भी दी गई है।
नोट में यह भी स्पष्ट लिखा है कि कैब कोई निजी जगह नहीं है, इसलिए अंदर किसी भी तरह का रोमांटिक व्यवहार स्वीकार नहीं किया जाएगा। साथ ही यात्रियों को ड्राइवर पर तेज गाड़ी चलाने का दबाव न डालने की चेतावनी भी दी गई है।
ड्राइवरों की बढ़ती चिंता भी सामने आई
यह मामला केवल एक नियमों की सूची नहीं, बल्कि कैब ड्राइवरों की सुरक्षा और व्यवहार से जुड़ी बढ़ती चिंताओं को भी उजागर करता है। हाल के समय में कई शहरों में ड्राइवरों के साथ बदसलूकी और विवाद की घटनाएं सामने आई हैं।
इसी तरह के मुद्दों को लेकर पहले गुरुग्राम में भी कैब ड्राइवरों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जहां उन्होंने सुरक्षा और KYC वेरिफिकेशन की मांग की थी।
सोशल मीडिया पर दो धड़ों में बंटे लोग
इस वायरल पोस्ट ने इंटरनेट यूजर्स को दो हिस्सों में बांट दिया है। एक पक्ष का कहना है कि ड्राइवर भी इंसान हैं और अक्सर यात्रियों के दुर्व्यवहार का सामना करते हैं, इसलिए सीमाएं तय करना जरूरी है। वहीं, दूसरे पक्ष का मानना है कि नोट का लहजा काफी कठोर और अपमानजनक है, जिससे यात्रियों को असहज महसूस हो सकता है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि राइड-शेयरिंग और कैब सेवाओं में यात्रियों और ड्राइवरों के बीच संतुलित व्यवहार कितना जरूरी है। जहां एक ओर ड्राइवर अपनी सुरक्षा और सम्मान चाहते हैं, वहीं यात्रियों को भी सहज और सम्मानजनक सेवा की उम्मीद होती है।