सहारनपुर: हज यात्रा के नाम पर जज से ₹24 लाख की ठगी, लखनऊ की फर्जी टूरिज्म कंपनी के दो शातिर गिरफ्तार

डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में साइबर अपराधियों के दुस्साहस का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। यहाँ शातिर ठगों ने हज यात्रा कराने का झांसा देकर एक विशेष न्यायाधीश (SC/ST एक्ट) से करीब 24 लाख रुपये हड़प लिए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस गिरोह का पर्दाफाश किया है और लखनऊ से संचालित हो रहे इस नेटवर्क के दो प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, सहारनपुर में तैनात विशेष न्यायाधीश मौ. अहमद खान ने अपनी और अपने परिवार की हज यात्रा के लिए लखनऊ स्थित ‘अलफहाद टूरिज्म’ नामक कंपनी से संपर्क किया था। कंपनी के निदेशकों आमिर रशीदी, ओसामा रशीदी, एजाज अहमद और फहद रशीदी ने उन्हें हज के वीआईपी पैकेज का लालच दिया। आरोपियों की बातों में आकर जज ने अलग-अलग किस्तों में कुल 23 लाख 99 हजार रुपये कंपनी के बैंक खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।

न हज यात्रा हुई, न पैसे लौटे

पैसे लेने के बाद आरोपियों का असली चेहरा सामने आने लगा। जब यात्रा की तारीखें करीब आईं और प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी, तो जज ने कंपनी से संपर्क साधा। आरोपी हर बार नए-नए तकनीकी बहानों का हवाला देकर मामला टालते रहे। काफी समय बीत जाने के बाद जब आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया, तब पीड़ित न्यायाधीश को अपने साथ हुई बड़ी धोखाधड़ी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर क्राइम थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। एसएसपी सहारनपुर के निर्देश पर गठित साइबर टीम ने जब मामले की तहकीकात शुरू की, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जिस ‘अलफहाद टूरिज्म’ कंपनी के नाम पर लाखों का लेनदेन हुआ, उसके पास हज यात्रा संचालित करने का कोई वैध लाइसेंस ही नहीं था। यह कंपनी महज एक कागजी मुखौटा थी, जिसका इस्तेमाल लोगों की धार्मिक भावनाओं से खेलकर उनकी गाढ़ी कमाई लूटने के लिए किया जा रहा था।

पुलिस की बड़ी कामयाबी: दो गिरफ्तार

तकनीकी साक्ष्यों, बैंक ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री और मोबाइल सर्विलांस की मदद से पुलिस की टीम ने लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में छापेमारी की। यहाँ से पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों ओसामा रशीदी और एजाज अहमद को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह लंबे समय से इसी तरह फर्जी कंपनी बनाकर प्रभावशाली और अमीर लोगों को अपना शिकार बना रहा था। थाना साइबर क्राइम पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। गिरोह के अन्य सदस्य आमिर रशीदी और फहद रशीदी अभी भी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस फर्जी कंपनी ने और कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। ठगी गई रकम की बरामदगी के लिए बैंक खातों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *