कानपुर: मेट्रो की लापरवाही से 55 फीट गहरे गड्ढे में गिरा मासूम, 2 घंटे चले जिंदगी के रेस्क्यू के बाद मिली कामयाबी

डिजिटल डेस्क- औद्योगिक नगरी कानपुर के जूही थाना क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब मेट्रो निर्माण कार्य के लिए खोदे गए एक खुले गड्ढे में एक नाबालिग बच्चा गिर गया। करीब 55 फीट गहरे इस मौत के गड्ढे में मासूम घंटों फंसा रहा। स्थानीय लोगों की तत्परता और पुलिस के रेस्क्यू ऑपरेशन की बदौलत हाइड्रा मशीन की मदद से बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। इस घटना ने एक बार फिर निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

खेल-खेल में समा गया ‘मौत’ के गड्ढे में

जानकारी के मुताबिक, जूही के मिलिट्री कैंप के पास मेट्रो रेल परियोजना का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां निर्माण कार्य के लिए करीब 55 फीट गहरा और संकरा गड्ढे खोदा गया था। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि इतना गहरा गड्ढा होने के बावजूद इसे ऊपर से ढका नहीं गया था और न ही इसके चारों ओर कोई सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। शाम के वक्त खेलते हुए एक नाबालिग अचानक इस खुले गड्ढे में जा गिरा। बच्चे के गिरने की आवाज और उसकी चीखें सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े, तो मंजर देख सबके होश उड़ गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन: सांसें रोक देने वाले दो घंटे

हादसे की सूचना मिलते ही जूही थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। गड्ढा गहरा होने के कारण मैन्युअल तरीके से बच्चे को निकालना असंभव था, इसलिए तुरंत हाइड्रा मशीन को मौके पर बुलाया गया। रेस्क्यू के दौरान सबसे बड़ी चुनौती बच्चे को ऑक्सीजन पहुंचाना और उसे स्थिर रखना था। पुलिस प्रशासन और स्थानीय युवकों ने मिलकर तालमेल बिठाया और हाइड्रा मशीन की मदद से सावधानीपूर्वक रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। लगभग दो घंटे तक चली कड़ी मशक्कत के बाद जब बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला गया, तो मौके पर मौजूद सैकड़ों लोगों की भीड़ ने तालियों के साथ टीम का हौसला बढ़ाया। हालांकि, गिरने के कारण बच्चा घायल हो गया था और काफी डरा हुआ था।

अस्पताल में इलाज जारी, स्थिति स्थिर

बोरवेल से बाहर निकालते ही पुलिस ने एंबुलेंस के जरिए बच्चे को पास के अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे के शरीर पर कुछ बाहरी और अंदरूनी चोटें आई हैं, लेकिन समय रहते बाहर निकाल लिए जाने के कारण उसकी जान बच गई। फिलहाल बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है। इस घटना के बाद इलाके के लोगों में मेट्रो प्रशासन और ठेकेदारों के खिलाफ भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि शहर में कई जगहों पर मेट्रो का काम चल रहा है, लेकिन रिहायशी इलाकों में सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *