KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। महिला आरक्षण विधेयक को लेकर छिड़े विवाद के बीच आज यूपी विधानमंडल का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें सत्तारूढ़ दल विपक्ष को घेरने की तैयारी में है। इस सत्र में भारतीय जनता पार्टी निंदा प्रस्ताव पेश करने जा रही है, जिसका सीधा निशाना समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्र से पहले ही विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस में साहस है, तो वे सदन में आकर चर्चा में भाग लें और जनता से माफी मांगें। उनका आरोप है कि इन दलों ने लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक को पारित होने से रोकने की कोशिश की, जो महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ है।
विशेष सत्र के दौरान सदन में इस मुद्दे पर जोरदार बहस होने के आसार हैं। भाजपा इस मामले को महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक भागीदारी से जोड़ते हुए विपक्ष को कठघरे में खड़ा करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, विपक्षी दल भी सरकार के आरोपों का जवाब देने की तैयारी में हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सत्र सिर्फ एक विधायी प्रक्रिया नहीं, बल्कि आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल बनाने का एक अहम मंच भी बन सकता है। महिला आरक्षण जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सत्ता और विपक्ष के बीच टकराव ने इसे और ज्यादा अहम बना दिया है।
अब देखना होगा कि सदन के भीतर यह बहस किस दिशा में जाती है और क्या विपक्ष मुख्यमंत्री की चुनौती स्वीकार करते हुए खुलकर चर्चा में हिस्सा लेता है या नहीं।