KNEWS DESK- सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़े एक बड़े राजनीतिक घटनाक्रम का दावा सामने आया है, जिसने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी आधिकारिक स्तर पर पुष्टि नहीं हुई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार राज्यसभा में राघव चड्ढा सहित AAP के कुल सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (BJP) में विलय को राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन द्वारा मंजूरी दिए जाने की बात कही जा रही है। इन नामों में स्वाति मालीवाल, पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अन्य सांसदों के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
इन दावों के अनुसार इस कथित बदलाव के बाद राज्यसभा में भाजपा की ताकत बढ़कर 113 सांसदों तक पहुंच गई है, जबकि आम आदमी पार्टी के सांसदों की संख्या घटकर तीन रह गई है। बताया जा रहा है कि बचे हुए AAP सांसदों में पंजाब से बलबीर सिंह सीचेवाल और दिल्ली से संजय सिंह तथा नारायण दास गुप्ता शामिल हैं।
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इससे पहले राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटाया गया था और उनके स्थान पर नियुक्त किए गए अशोक मित्तल ने भी कथित तौर पर पार्टी छोड़ दी।
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आम आदमी पार्टी की ओर से पहले ही बागी सांसदों के खिलाफ राज्यसभा सभापति को याचिका देकर उनकी सदस्यता खत्म करने की मांग की गई थी। पार्टी का आरोप था कि ये सांसद अब संगठन के साथ नहीं हैं और पार्टी लाइन के खिलाफ काम कर रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर, राघव चड्ढा की ओर से एक वीडियो बयान का हवाला दिया जा रहा है, जिसमें उन्होंने AAP में आंतरिक माहौल और कामकाज को लेकर गंभीर आरोप लगाए थे और पार्टी छोड़ने के पीछे यही कारण बताए थे।
हालांकि, इस पूरे मामले को लेकर अभी तक न तो भाजपा और न ही आम आदमी पार्टी की ओर से किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि की गई है। ऐसे में यह खबर राजनीतिक चर्चाओं और अटकलों के दायरे में ही मानी जा रही है।