डिजिटल डेस्क- मध्य प्रदेश के जबलपुर से एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है, जिसने दो परिवारों की खुशियां पलभर में छीन लीं। धनवंतरी नगर इलाके में तेज रफ्तार और कथित रूप से शराब के नशे में धुत एक कार चालक ने सड़क किनारे खड़े तीन बाइक सवारों को कुचल दिया। हादसा इतना भयावह था कि कार टक्कर के बाद दो बार पलटी खाते हुए सीधे बाइक सवारों के ऊपर जा गिरी। इस दर्दनाक घटना में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। मृतकों में एक की पहचान गणेश प्रसाद कुमार के रूप में हुई है, जो अधारताल महाराजपुर के निवासी थे। वह अपने बेटे शुभम के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। खुशियों के बीच उन्हें यह अंदाजा तक नहीं था कि कुछ ही क्षणों में उनकी जिंदगी खत्म हो जाएगी।
कई बार पलटी कार और बाइक सवारों को रौंदती रही
प्रत्यक्षदर्शी शमा खान के मुताबिक, हादसा बेहद खौफनाक था। उन्होंने बताया कि कार तेज रफ्तार में आई और अचानक नियंत्रण खो बैठी। “देखते ही देखते कार कई बार पलटी और दो बाइक उसके नीचे दब गईं। वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए। यह मंजर जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे,” उन्होंने कहा। शमा ने यह भी दावा किया कि चालक पूरी तरह नशे में था और वाहन पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह हादसा हुआ, उसी दौरान धनवंतरी चौक के पास पुलिस चेकिंग भी चल रही थी। इसके बावजूद आरोपी चालक बेखौफ होकर सड़कों पर दौड़ता रहा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मौके पर बहादुरी दिखाते हुए भागने की कोशिश कर रहे आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी चालक को लिया गया हिरासत में
पुलिस ने आरोपी चालक किशन चौधरी को हिरासत में ले लिया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वह शराब के प्रभाव में था या नहीं। गढ़ा थाना पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर लिया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। कार अरविंद चौधरी के नाम पर पंजीकृत बताई जा रही है। घायल शुभम कुमार को तत्काल मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं, दूसरे मृतक की पहचान के प्रयास जारी हैं। इस हादसे ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सख्त चेकिंग और कानून के बावजूद शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर लगाम क्यों नहीं लग पा रही है।