डिजिटल डेस्क- रेलवे बोर्ड ने दिव्यांग यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा और स्पष्ट फैसला लिया है। अब विशिष्ट दिव्यांगता पहचान पत्र यानी UDID कार्ड धारकों को SLRD कोच में यात्रा के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। रेलवे ने साफ कर दिया है कि इन कोचों में केवल वही यात्री ‘प्रामाणिक’ माने जाएंगे, जो निर्धारित पात्रता मानकों को पूरा करते हैं। दरअसल, SLRD और LSLRD कोच खास तौर पर दिव्यांग यात्रियों के लिए आरक्षित होते हैं, लेकिन अक्सर इन कोचों में अन्य यात्री अवैध रूप से कब्जा कर लेते हैं। इससे दिव्यांगजनों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने सभी जोन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
दो श्रेणी के यात्री ही माने जाएंगे बोनाफाइड
नए नियमों के मुताबिक, दो श्रेणियों के यात्रियों को इन कोचों में यात्रा के लिए ‘बोनाफाइड’ यानी प्रामाणिक माना जाएगा। पहली श्रेणी में वे यात्री शामिल हैं, जिनके पास दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा जारी वैध UDID कार्ड है। दूसरी श्रेणी में वे दिव्यांगजन आते हैं, जिन्हें भारतीय रेलवे द्वारा रियायती किराए की सुविधा दी गई है। हालांकि, रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन दोनों श्रेणियों के यात्रियों के पास यात्रा के लिए वैध टिकट या अधिकृत यात्रा दस्तावेज होना अनिवार्य होगा। बिना टिकट या वैध दस्तावेज के यात्रा करने पर उन्हें भी नियमों के तहत कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
दिव्यांग हित में माना जा रहा है बड़ा फैसला
रेलवे का यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से दिव्यांग यात्रियों की यह शिकायत रही है कि उनके लिए आरक्षित कोचों में उन्हें जगह नहीं मिलती। कई बार उन्हें मजबूरी में अन्य कोचों में यात्रा करनी पड़ती है, जिससे उनकी यात्रा असुविधाजनक और असुरक्षित हो जाती है। अब रेलवे ने इस समस्या पर सख्ती दिखाते हुए अनधिकृत यात्रियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यदि कोई भी गैर-अधिकृत व्यक्ति इन कोचों में यात्रा करता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ Railways Act 1989 की विभिन्न धाराओं के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसमें जुर्माना और अन्य कानूनी कदम शामिल हो सकते हैं।