KNEWS DESK – पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में इस बार भवानीपुर सीट सबसे हॉट बन गई है। यहां से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव मैदान में हैं, जबकि उनके सामने बीजेपी के दिग्गज नेता सुवेंदु अधिकारी चुनौती पेश कर रहे हैं। पिछले चुनाव में नंदीग्राम में मिली हार के बाद यह मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है।
इस बार ममता बनर्जी ने भवानीपुर सीट को लेकर खास रणनीति बनाई है। बताया जा रहा है कि वह अपने राजनीतिक करियर में पहली बार इस तरह अपने ही विधानसभा क्षेत्र के हर वार्ड में जाकर कैंपेन करेंगी। 29 अप्रैल को होने वाले मतदान से पहले इलाके में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक, 24 अप्रैल से 27 अप्रैल तक ममता बनर्जी भवानीपुर के अलग-अलग इलाकों में लगातार रैलियां और जनसभाएं करेंगी। 24 अप्रैल को चेतला CIT मार्केट के पास उनकी जनसभा प्रस्तावित है। इसके बाद 25 अप्रैल को वार्ड 82 और 74 में रैलियां होंगी। 26 अप्रैल को लैंसडाउन इलाके से वार्ड 70, 71 और 72 में रोड शो निकाला जाएगा, जबकि 27 अप्रैल को बल्लीगंज फाड़ी समेत कई वार्डों में कार्यक्रम तय हैं।
तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक, ममता बनर्जी अब तक पूरे राज्य में 230 से ज्यादा रैलियां कर चुकी हैं और 291 सीटों पर अपने उम्मीदवारों के समर्थन में लगातार प्रचार कर रही हैं। पार्टी का दावा है कि भवानीपुर में उनकी जीत तय है और इसी आत्मविश्वास के साथ वह ग्राउंड पर सक्रिय हैं।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी के इस फोकस पर सवाल उठाए हैं। बीजेपी नेता स्मृति ईरानी ने तंज कसते हुए कहा कि यह उनके विरोधी सुवेंदु अधिकारी के दबाव का असर है और ममता बनर्जी “सीमित” होती जा रही हैं।
हालांकि टीएमसी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह डर नहीं, बल्कि मजबूत रणनीति का हिस्सा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि ममता बनर्जी का मैराथन कैंपेन उनके आत्मविश्वास को दर्शाता है और चुनाव नतीजे आने पर विपक्ष के दावे गलत साबित होंगे।