UP: गाजियाबाद में भीषण अग्निकांड, 500 झुग्गियां राख, एक-एक कर फटे सिलेंडर, 6 बच्चे लापता

KNEWS DESK- गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र स्थित कनवानी गांव में गुरुवार दोपहर अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते आग ने झुग्गी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया और सैकड़ों झोपड़ियां जलकर खाक हो गईं। इस घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया और बड़ी संख्या में लोग बेघर हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुआं और आग साफ दिखाई दे रही थी। आग लगते ही झुग्गियों में रखे गैस सिलिंडर एक के बाद एक फटने लगे, जिससे हालात और भयावह हो गए। धमाकों की आवाज से इलाके में दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल गाड़ियों को लगाया गया और लगातार पानी की बौछारों से आग बुझाने का प्रयास किया गया। घंटों की मशक्कत के बाद आग को काफी हद तक नियंत्रित कर लिया गया।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग की शुरुआत कबाड़ के गोदाम से हुई, जो तेजी से फैलते हुए आसपास की झुग्गियों तक पहुंच गई। हालांकि आग लगने के सटीक कारणों की पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कर दी है।

घटना के दौरान कई परिवारों के सदस्य अपने काम पर गए हुए थे, जबकि छोटे बच्चे झुग्गियों में ही मौजूद थे। अचानक आग फैलने से लोगों को न तो सामान बचाने का मौका मिला और न ही अपने परिजनों को सुरक्षित निकालने का पर्याप्त समय। कुछ लोगों ने बच्चों के लापता होने की आशंका जताई है, हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

मौके पर जिलाधिकारी, पुलिस अधिकारी और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंचकर स्थिति का जायजा लेते रहे। प्रशासन के अनुसार, आग अब नियंत्रण में है और कूलिंग ऑपरेशन जारी है। साथ ही एम्बुलेंस और मेडिकल टीम को भी तैनात किया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।

इस भीषण अग्निकांड में सैकड़ों परिवारों का सब कुछ जलकर राख हो गया। लोग अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए राहत और पुनर्वास की व्यवस्था करने की बात कही है।

फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटे हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग किन परिस्थितियों में लगी और इससे इतना बड़ा नुकसान कैसे हुआ।

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