Raj Panchak 2026 :16 या 17 अप्रैल आखिर कब समाप्त होंगे राज पंचक? जानें शुभ कार्यों पर असर या सिर्फ भ्रम?

KNEWS DESK- हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में किसी भी शुभ कार्य को करने से पहले मुहूर्त का विशेष महत्व होता है। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त होते ही जहां मांगलिक कार्यों पर लगी रोक हट गई, वहीं राज पंचक के शुरू होने से लोग असमंजस में पड़ गए हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि राज पंचक कब खत्म होंगे और इस दौरान क्या करना उचित है।

कब शुरू हुआ और कब होगा समाप्त?

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार पंचक 13 अप्रैल 2026, सोमवार से शुरू हुए हैं। इसे राज पंचक कहा जाता है।

  • समापन तिथि: 17 अप्रैल 2026, शुक्रवार
  • समय: दोपहर 12 बजकर 2 मिनट

यानी 16 अप्रैल तक पंचक का प्रभाव रहेगा और 17 अप्रैल को दोपहर के बाद से शुभ कार्यों के लिए समय अनुकूल हो जाएगा।

क्या होता है पंचक?

पंचक वह समय होता है जब चंद्रमा कुंभ और मीन राशि में भ्रमण करता है। इस दौरान पांच नक्षत्रों का विशेष संयोग बनता है, जिसे पंचक कहा जाता है।

क्या राज पंचक अशुभ होता है?

सामान्य पंचक को ज्योतिष में अशुभ माना जाता है, लेकिन राज पंचक को उतना हानिकारक नहीं समझा जाता। यह पूरी तरह अशुभ नहीं होता फिर भी बड़े और मांगलिक कार्यों में सावधानी जरूरी मानी जाती है

क्या इस दौरान शादी करना सही है?

परंपराओं और मान्यताओं के अनुसार, पंचक के दौरान विवाह जैसे मांगलिक कार्यों से बचना चाहिए। इस समय किए गए विवाह में बाधाएं आने की आशंका मानी जाती है। इसलिए अधिकतर लोग पंचक समाप्त होने के बाद ही शादी का आयोजन करते हैं।हालांकि, राज पंचक को अपेक्षाकृत कम प्रभावी माना जाता है, फिर भी सावधानी बरतना बेहतर होता है।

राज पंचक में क्या कर सकते हैं?

राज पंचक के दौरान कुछ कार्य किए जा सकते हैं, जो अशुभ नहीं माने जाते—पूजा-पाठ और धार्मिक अनुष्ठान, दान-पुण्य, सरकारी या प्रशासनिक कार्य, जमीन-जायदाद से जुड़े काम।

राज पंचक को लेकर भ्रम की स्थिति बनी रहती है, लेकिन यह पूरी तरह अशुभ नहीं होता। फिर भी विवाह और बड़े शुभ कार्यों को टालना ही बेहतर माना जाता है। 17 अप्रैल दोपहर के बाद से सभी मांगलिक कार्यों के लिए शुभ समय शुरू हो जाएगा।धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करते हुए सही समय पर कार्य करना जीवन में सकारात्मकता और सफलता दोनों लाता है।