अशोक खरात पर सांसद प्रणिती शिंदे का बड़ा बयान, बोलीं- सबूत दबाने के लिए हो सकता है एनकाउंटर

डिजिटल डेस्क- महाराष्ट्र की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब सोलापुर लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद प्रणिती शिंदे ने कथित ‘ढोंगी बाबा’ अशोक खरात मामले को लेकर सनसनीखेज बयान दिया। डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने आरोप लगाया कि इस केस में और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं और सच सामने आने से रोकने के लिए आरोपी का एनकाउंटर तक किया जा सकता है। प्रणिती शिंदे ने कहा कि इस मामले के तार सत्ता में बैठे कुछ प्रभावशाली लोगों तक पहुंच सकते हैं, इसलिए इसे दबाने की कोशिशें हो सकती हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं और पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है।

देश के बड़े यौन-शोषण मामलों में गिना जा रहा है खरात केस

दरअसल, अशोक खरात का मामला अब देश के बड़े यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग घोटालों में गिना जा रहा है। आरोप है कि वह तंत्र-मंत्र और भविष्यवाणी के नाम पर महिलाओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद उनके आपत्तिजनक वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करता और मोटी रकम वसूलता था। इस पूरे नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की भी बात सामने आई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी जांच अपने हाथ में ले ली है। ईडी ने अशोक खरात और उसके सहयोगियों के खिलाफ केस दर्ज कर कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जानकारी के अनुसार, नासिक में पांच, पुणे में तीन और शिरडी में तीन स्थानों पर कार्रवाई की गई, जहां से अहम दस्तावेज, डिजिटल सबूत और संपत्ति से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं।

मनी लांड्रिंग केस में भी सामने आया खरात का नाम

जांच एजेंसियों का मानना है कि यह मामला सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बड़े पैमाने पर आर्थिक अनियमितताएं भी शामिल हो सकती हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके सहयोगियों से जुड़ी करीब 52 संपत्तियां जांच के दायरे में हैं, जिनके अवैध कमाई से खरीदे जाने की आशंका जताई जा रही है। इससे पहले इस पूरे मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) कर रही थी। अब तक अलग-अलग थानों में अशोक खरात के खिलाफ 11 मामले दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें यौन शोषण, बलात्कार, ठगी, जमीन कब्जाने और अवैध संपत्ति अर्जित करने जैसे गंभीर आरोप शामिल हैं। ईडी अब इस केस को मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से भी खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ठगी और ब्लैकमेलिंग से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया गया। जांच एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *