डिजिटल डेस्क- बिहार की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिला, जब करीब दो दशकों तक मुख्यमंत्री पद संभालने वाले नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला लिया। लंबे कार्यकाल के बाद उनका यह कदम राज्य में सत्ता परिवर्तन की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है। सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास पर कैबिनेट की अंतिम बैठक आयोजित की गई, जिसमें उन्होंने मंत्रियों और विधायकों को संबोधित किया। बैठक के बाद वे लोकभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही बिहार में एक युग के अंत और नई राजनीतिक शुरुआत का रास्ता साफ हो गया है।
चिराग पासवान ने जताया आभार
अब निगाहें भारतीय जनता पार्टी की विधायक दल की बैठक पर टिकी हैं, जहां नए नेता का चुनाव किया जाएगा। यही नेता राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेगा। सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक के बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस घटनाक्रम पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि आज का दिन बिहार के लिए बेहद अहम है। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य ने ‘जंगल राज’ से बाहर निकलकर विकास की दिशा में लंबा सफर तय किया है। अब बिहार एक नई शुरुआत की ओर बढ़ रहा है और आने वाले समय में एक विकसित राज्य के रूप में उभर सकता है।
इस्तीफे के बाद सामने आया नीतीश कुमार का पहला बयान
इस्तीफे के बाद अपने पहले बयान में नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने हमेशा राज्य के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया। उन्होंने याद दिलाया कि 24 नवंबर 2005 को जब पहली बार एनडीए सरकार बनी थी, तब से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और विकास के कई बड़े काम हुए। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली और कृषि जैसे क्षेत्रों में किए गए सुधारों का भी जिक्र किया। नीतीश कुमार ने कहा कि महिलाओं और युवाओं के सशक्तिकरण के लिए भी कई योजनाएं चलाई गईं। उन्होंने ‘7 निश्चय’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि 2025 से 2030 के लिए नई योजनाएं तैयार की गई हैं, जो राज्य के विकास को और गति देंगी। उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग के लिए नरेंद्र मोदी का भी आभार जताया।
नई सरकार को मिलेगा पूरा सहयोग- नीतीश कुमार
अपने इस्तीफे के फैसले पर उन्होंने कहा कि उन्होंने पहले ही तय कर लिया था कि अब मुख्यमंत्री पद छोड़ने का समय आ गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि नई सरकार उनके अनुभव और मार्गदर्शन का लाभ उठाते हुए राज्य को आगे बढ़ाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार को उनका पूरा सहयोग मिलेगा। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में नए मुख्यमंत्री को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि भाजपा नेतृत्व जल्द ही अपने नेता के नाम पर मुहर लगा देगा, जिसके बाद शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी।