नोएडा में बवाल के बाद सख्त पहरा: 90 हिरासत में, 200 की पहचान, 95% फैक्ट्रियां ठप…. अब कैसा है माहौल?

डिजिटल डेस्क- औद्योगिक क्षेत्र में कल हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद आज जमीनी हालात काफी हद तक सामान्य नजर आए। सुबह से ही जब हमने नोएडा के फेस-2, सेक्टर 63, सेक्टर 58 और ईकोटेक थर्ड इलाके का दौरा किया, तो हर प्रमुख चौराहे और फैक्ट्रियों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात दिखाई दिया। पुलिस की मौजूदगी इतनी सख्त थी कि किसी भी तरह की भीड़ बनने से पहले ही उसे नियंत्रित कर लिया जा रहा था। कल जहां सड़कों पर अफरा-तफरी और तनाव का माहौल था, वहीं आज तस्वीर पूरी तरह बदली हुई दिखी। फैक्ट्रियों के बाहर सन्नाटा जरूर था, लेकिन डर का माहौल नहीं दिखा। कई कंपनियों में काम आंशिक रूप से शुरू हुआ, जबकि कुछ जगहों पर कर्मचारी एहतियातन अनुपस्थित रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि प्रशासन की सख्ती के चलते लोगों में भरोसा लौटा है।

24 घंटे में 90 से अधिक हिरासत में, 200 की हुई पहचान

पुलिस अधिकारियों से बात करने पर पता चला कि हालात को काबू में रखने के लिए लगातार गश्त की जा रही है। सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है। बीते 24 घंटों में कार्रवाई तेज हुई है कुल 90 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया है, जबकि करीब 200 लोगों की पहचान वीडियो फुटेज के आधार पर की गई है। पुलिस का साफ कहना है कि हिंसा में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे घटनाक्रम के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मजदूरों के न्यूनतम वेतन में 3000 रुपये तक की बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है, जिसे 1 अप्रैल 2026 से लागू भी कर दिया गया है। जमीनी स्तर पर बात करने पर कई मजदूरों ने इस फैसले को राहत भरा बताया, हालांकि उनका कहना है कि सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि काम की स्थितियों में भी सुधार जरूरी है।

70 कंपनियों के श्रमिकों को बातचीत के लिए बुलाया गया

फेस-2 इलाके में कुछ मजदूरों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि वे अपनी बाकी मांगों को लेकर अब भी प्रशासन से बातचीत का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने करीब 70 कंपनियों के श्रमिकों को बातचीत के लिए बुलाया है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। ट्रैफिक की स्थिति भी आज काफी बेहतर रही। भंगेल एलिवेटेड रोड और आसपास के इलाकों में गाड़ियां सामान्य रूप से चलती नजर आईं। हालांकि कुछ जगहों पर अब भी रूट डायवर्जन लागू है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखा जा सके। पुलिस की मौजूदगी हर जगह साफ दिखाई दे रही थी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की संभावना कम हो गई है।

संवेदनशीलता के चक्कर में बढ़ाई गई सतर्कता

आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के चलते भी शहर में अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और बढ़ा दी गई है। हालांकि, दिन के दौरान कुछ जगहों पर मजदूरों ने फिर से इकट्ठा होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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