डिजिटल डेस्क- इस बड़े खुलासे के बाद शहर में बिना लाइसेंस और मानकों के खिलाफ चल रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम्स पर व्यापक अभियान शुरू किया गया है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य विभाग ने छापेमारी के दौरान 7 अस्पतालों को सील कर दिया है, जबकि 11 अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने हाल ही में कल्याणपुर और शिवली क्षेत्र में सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई अस्पताल बिना वैध लाइसेंस, प्रशिक्षित डॉक्टरों और आवश्यक स्टाफ के संचालित पाए गए। गंभीर अनियमितताओं के चलते जीवन दिव्या, रिलैक्स और एस हॉस्पिटल समेत 7 अस्पतालों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
बिना अनुमति आईसीयू, एचडीयू और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के बोर्ड लगाकर मरीजों को गुमराह करने का आरोप
वहीं, अनुष्का, प्रांजल, राम जानकी, मोहित मेडिकल सेंटर, शिव मेडिकल, केडीएम और शाहिद अस्पताल समेत कुल 11 संस्थानों को नोटिस जारी किया गया है। इन अस्पतालों पर आरोप है कि वे बिना प्रशिक्षित स्टाफ के मरीजों का इलाज कर रहे थे, साथ ही वहां साफ-सफाई और बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव था। इतना ही नहीं, कई अस्पतालों ने बिना अनुमति आईसीयू, एचडीयू और सुपर स्पेशलिटी सेवाओं के बोर्ड लगाकर मरीजों को गुमराह किया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई की जड़ हाल ही में पकड़ा गया किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट है। जांच के दौरान सामने आया कि जिन तीन अस्पतालों का नाम इस रैकेट में सामने आया, उनमें से दो पहले से ही अवैध रूप से संचालित हो रहे थे। इस खुलासे ने शहर में चल रहे अवैध अस्पतालों के पूरे नेटवर्क को उजागर कर दिया है।
जारी रहेगा अभियान
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी ने साफ कहा है कि बिना लाइसेंस चलने वाले अस्पतालों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं नोडल अधिकारी और सहायक मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित रस्तोगी ने बताया कि शिवली क्षेत्र में कई अस्पताल नियमों को दरकिनार कर मनमाने तरीके से संचालित हो रहे थे, जिन पर अब सख्त कार्रवाई की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया है कि शहर के बुरा नौबस्ता, किदवई नगर, कल्याणपुर और चकेरी जैसे इलाकों में कई अस्पताल केवल सामान्य सेवाओं का लाइसेंस लेकर सुपर स्पेशलिटी सुविधाओं का दावा कर रहे थे। ये अस्पताल आईसीयू, डायलिसिस, बर्न यूनिट जैसी सेवाओं के बोर्ड लगाकर मरीजों को भ्रमित कर रहे थे और उनकी जान से खिलवाड़ कर रहे थे।