KNEWS DESK- उत्तर प्रदेश में आज फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जारी की जाने वाली इस सूची में राज्य के करीब 13.35 करोड़ मतदाताओं के नाम शामिल होंगे, जबकि लगभग 7 लाख नामों के हटने की संभावना जताई जा रही है।
कई महीनों तक चली SIR (Special Intensive Revision) प्रक्रिया के बाद अब अंतिम मतदाता सूची तैयार कर ली गई है। यह सूची जिला निर्वाचन कार्यालयों, तहसील स्तर और चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।
सूत्रों के अनुसार, ड्राफ्ट सूची में जहां 12.55 करोड़ मतदाता दर्ज थे, वहीं अब फाइनल लिस्ट में यह संख्या बढ़कर लगभग 13.35 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। इसमें नए नामों के जुड़ने और कुछ नामों के हटाए जाने के बाद यह बदलाव देखने को मिला है।
फाइनल वोटर लिस्ट जारी होने से पहले ही समाजवादी पार्टी (SP) ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्टी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि चुनाव आयोग भारतीय जनता पार्टी के साथ मिलकर काम कर रहा है और फर्जी वोट बढ़ाने तथा विपक्ष के वोट काटने की साजिश की जा रही है।
सपा ने अपने कार्यकर्ताओं को सतर्क रहने और ऐसे मामलों के सबूत जुटाकर पार्टी कार्यालय में जमा करने की अपील भी की है, ताकि इसे कानूनी और सार्वजनिक मंचों पर उठाया जा सके।
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, इस बार बड़ी संख्या में नामों की जांच की गई है। करीब 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस भेजा गया था, जिनके विवरणों में पारिवारिक मिलान या अन्य तकनीकी विसंगतियां पाई गई थीं।
इसके अलावा 2.22 करोड़ मामलों में दस्तावेजों या विवरणों में असंगतियां पाई गईं, जबकि लगभग 3.18 लाख लोगों ने खुद फॉर्म-7 के जरिए अपना नाम हटवाने का अनुरोध किया था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची में सबसे अधिक बदलाव देखने को मिल सकता है। फाइनल लिस्ट में पुरुष और महिला मतदाताओं की संख्या लगभग संतुलित रहने की संभावना है।
6 जनवरी को जारी ड्राफ्ट सूची पर 6 मार्च तक दावे और आपत्तियां ली गई थीं। इसके बाद सभी आवेदनों और शिकायतों की गहन जांच के बाद अंतिम मतदाता सूची तैयार की गई है। अब पूरे प्रदेश की नजर इस फाइनल वोटर लिस्ट पर है, जो आगामी चुनावी समीकरणों को प्रभावित करने में अहम भूमिका निभा सकती है।