KNEWS DESK- अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को व्हाइट हाउस में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित युद्ध पर अपनी बात रखी। इस दौरान उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को नहीं खोलता है, तो अमेरिका बेहद सख्त कदम उठा सकता है। ट्रंप ने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर ईरान की गैस फील्ड, जल संयंत्र, पुलों और अन्य नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है।
ब्रीफिंग के दौरान मीडिया ने ट्रंप से सवाल किया कि क्या ईरान के अंदर ऐसे ठिकानों पर हमला करना वहां के आम नागरिकों को सजा देने जैसा नहीं होगा। इस पर ट्रंप ने जवाब दिया कि यह “तकलीफ” जरूर है, लेकिन उनका मानना है कि ईरानी लोग अपनी आजादी के लिए ऐसी कठिनाइयों को सहने के लिए तैयार होंगे। उन्होंने कहा कि यदि अंततः उन्हें स्वतंत्रता मिलती है, तो वे इन हालात को स्वीकार कर सकते हैं।
ट्रंप के इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना हो रही है। कई विशेषज्ञों और विश्लेषकों का कहना है कि इस तरह के बयान अंतरराष्ट्रीय कानूनों की अनदेखी करते हैं और नागरिकों को निशाना बनाने की आशंका को बढ़ाते हैं।
इसके अलावा, ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें ईरान के भीतर से ऐसे संदेश मिल रहे हैं जिनमें लोग बमबारी जारी रखने की अपील कर रहे हैं। उनके अनुसार, कुछ लोग, जो बमबारी वाले इलाकों में रह रहे हैं, यह कहते हैं कि हमले जारी रहें। ट्रंप ने कहा कि जब अमेरिकी हमले रुकते हैं, तो कुछ लोग दोबारा कार्रवाई की मांग करते हैं।
हालांकि, ट्रंप के इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, और उनके बयानों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई बहस छेड़ दी है।