डिजिटल डेस्क- राजधानी की सबसे संवेदनशील जगहों में से एक दिल्ली विधानसभा में हुई बड़ी सुरक्षा चूक के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना ने न केवल सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज कर दी है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, विधानसभा का गेट तोड़कर अंदर घुसने वाली कार के ड्राइवर समेत तीन लोगों को पकड़ लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से वह कार भी बरामद कर ली गई है, जिसका रजिस्ट्रेशन उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले में है। कार का नंबर UP-26 AZ 8090 बताया जा रहा है और यह आरोपी सरबजीत के नाम पर रजिस्टर्ड है, जिसकी पहचान ड्राइवर के रूप में हुई है। घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को दिल्ली के रूप नगर इलाके से गिरफ्तार किया। फिलहाल उनसे पूछताछ जारी है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे उनका मकसद क्या था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने मौके पर पहुंचकर की समीक्षा
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा खुद मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जांच में दिल्ली पुलिस की लोकल यूनिट, स्पेशल सेल और अन्य केंद्रीय एजेंसियां भी शामिल हैं। गौरतलब है कि सोमवार को एक टाटा सिएरा कार विधानसभा के गेट नंबर 2 को तोड़ते हुए अंदर घुस गई थी, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई थी। कार से एक व्यक्ति बाहर निकला, जिसने स्पीकर कार्यालय के पास एक गुलदस्ता रखा और फिर मौके से फरार हो गया। हालांकि जांच में गुलदस्ते में कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
घटना के समय जवान वीआईपी गेट पर तैनात थे
घटना के समय वीआईपी गेट पर सीआरपीएफ के जवान तैनात थे, बावजूद इसके इस तरह की घुसपैठ होना सुरक्षा में बड़ी चूक माना जा रहा है। इस मामले ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है कि आखिर इतनी कड़ी सुरक्षा के बावजूद यह घटना कैसे हुई। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता से फोन पर बात कर पूरे मामले की जानकारी ली। घटना के बाद स्पीकर ने एहतियातन अपनी गाड़ी का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। वहीं, आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। पार्टी विधायक संजीव झा ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि जब विधानसभा जैसी हाई-सिक्योरिटी जगह सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।