डिजिटल डेस्क- उत्तर प्रदेश के देवरिया में शनिवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। जिला मुख्यालय स्थित नगर पालिका परिसर के पास एक निर्माणाधीन भवन के बगल की जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में दो मजदूरों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार गूंज उठी। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब भवन के बेसमेंट की खुदाई का काम चल रहा था और करीब दो दर्जन मजदूर साइट पर काम कर रहे थे। तभी उत्तर दिशा की पुरानी और कमजोर दीवार अचानक ढह गई और कई मजदूर मलबे में दब गए।
ईओ-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट पहुंचे घटनास्थल, शुरू कराया बचाव कार्य
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। नगर पालिका की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया। स्थानीय लोगों और अन्य मजदूरों की मदद से घायलों को बाहर निकाला गया। सभी घायलों को तत्काल महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने योगेंद्र और गोविंद को मृत घोषित कर दिया। बाकी चार घायलों का इलाज जारी है और उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
हादसे की जांच के आदेश
बताया जा रहा है कि अंसारी रोड निवासी आशीष कनोडिया अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रहे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि निर्माण स्थल के पास खड़ी पुरानी दीवार काफी जर्जर थी, जो खुदाई के दौरान कमजोर होकर गिर गई। हालांकि, प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की गहराई से जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य में लापरवाही या सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाई जाती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।