KNEWS DESK – देश में अगली जनगणना को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और जल्द ही इसकी प्रक्रिया शुरू होने वाली है। इस बार जनगणना में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे। सबसे खास बात यह है कि “स्थिर रिश्ते” में साथ रह रहे लिव-इन कपल को भी शादीशुदा जोड़े के रूप में दर्ज किया जा सकेगा।
लिव-इन कपल को मिलेगी मान्यता
जनगणना से जुड़े सेल्फ-एन्यूमरेशन पोर्टल के दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई कपल अपने रिश्ते को स्थिर मानता है, तो उसे शादीशुदा की श्रेणी में गिना जाएगा। इससे पहले भी ऐसे मामलों में, यदि कपल खुद को विवाहित बताते थे, तो उन्हें उसी रूप में दर्ज किया जाता था।
बिना सबूत के दर्ज होगी जानकारी
इस प्रक्रिया की एक बड़ी खासियत यह है कि लोगों को अपने जवाब के लिए किसी तरह का दस्तावेजी प्रमाण देने की जरूरत नहीं होगी। जनगणना अधिकारी वही जानकारी दर्ज करेंगे, जो परिवार के सदस्य उन्हें बताएंगे। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को आसान और भरोसेमंद बनाना है।
जनगणना के हाउसलिस्टिंग चरण में कुल 33 सवाल पूछे जाएंगे, जिनमें एक सवाल घर में रहने वाले शादीशुदा जोड़ों की संख्या से जुड़ा होगा। यह चरण करीब 45 दिनों तक चलेगा।
सेल्फ-एन्यूमरेशन की सुविधा
इस बार लोगों को खुद अपनी जानकारी भरने की सुविधा भी दी जा रही है।
- यह प्रक्रिया एक ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होगी
- 15 दिन तक लोग खुद जानकारी भर सकेंगे
- इसके बाद 30 दिन तक अधिकारी घर-घर जाकर डेटा जुटाएंगे
सेल्फ-एन्यूमरेशन के लिए मोबाइल आधारित सत्यापन (OTP) जरूरी होगा और घर का कोई भी जिम्मेदार वयस्क सदस्य यह प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
जियोटैगिंग से लोकेशन होगी तय
फॉर्म भरते समय घर की सही लोकेशन दर्ज करना अनिवार्य होगा। इसके लिए जियोटैगिंग आधारित नक्शे का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसमें घर की सटीक स्थिति चिन्हित करनी होगी। गलत लोकेशन डालने पर डेटा दर्ज होने में दिक्कत आ सकती है।
अधिकारियों के मुताबिक, जनगणना से जुड़ा पूरा डेटा एन्क्रिप्टेड रहेगा और सुरक्षित सरकारी सर्वर पर स्टोर किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया को सरल और डिजिटल बनाने पर खास जोर दिया गया है।