डिजिटल डेस्क- केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद दिल्ली में कमर्शियल LPG की आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। दिल्ली सरकार ने पहले से लागू 50% आपूर्ति में अतिरिक्त 20% की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद अब कुल आपूर्ति सामान्य स्तर के 70% तक पहुंच गई है। इसका सीधा फायदा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और विभिन्न उद्योगों को मिलेगा, जो पिछले कुछ समय से गैस की कमी के चलते प्रभावित हो रहे थे।नई व्यवस्था के तहत अब प्रतिदिन 19 किलो के करीब 6,300 सिलेंडर की आपूर्ति की जा रही है, जबकि सामान्य खपत लगभग 9,000 सिलेंडर की रहती है। सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि प्राथमिकता के आधार पर अलग-अलग सेक्टर को गैस उपलब्ध कराई जाए, ताकि किसी भी जरूरी सेवा या उत्पादन गतिविधि में बाधा न आए।
आवंटन का बड़ा हिस्सा मिला इन सेक्टरों को
संशोधित आवंटन के अनुसार, सबसे बड़ा हिस्सा होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर को दिया गया है, जिन्हें कुल 3,375 सिलेंडर मिल रहे हैं। वहीं श्रम आधारित उद्योगों जैसे स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल (ड्राई क्लीनिंग सहित), केमिकल, प्लास्टिक, ग्लास और फार्मा यूनिट्स के लिए आपूर्ति बढ़ाकर 1,800 सिलेंडर कर दी गई है। खासतौर पर उन उद्योगों को प्राथमिकता दी गई है, जहां पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) का विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा आवश्यक सेवाओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, रेलवे, एयरपोर्ट और बस सेवाओं के लिए 225 सिलेंडर आवंटित किए गए हैं। कैटरिंग और बैंक्वेट सेक्टर को भी 225 सिलेंडर दिए गए हैं, जबकि सरकारी संस्थानों, ट्रस्ट, पीएसयू और कम्युनिटी किचन को भी समान मात्रा में गैस उपलब्ध कराई जा रही है। खेल सुविधाओं और स्टेडियमों के लिए 270 सिलेंडर निर्धारित किए गए हैं, वहीं प्रवासी मजदूरों और छात्रों के लिए 5 किलो वाले 180 छोटे सिलेंडरों की अलग से व्यवस्था की गई है।
केन्द्र-राज्य सरकार के बेहतर समन्वय से हो पाया संभव- खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा
दिल्ली के खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि इस फैसले से राजधानी के उद्योग और खाने-पीने से जुड़े व्यवसायों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय के चलते यह संभव हो पाया है कि सप्लाई को 70% तक बढ़ाया जा सके। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बाजार में किसी तरह की जमाखोरी या घबराहट की स्थिति नहीं है और ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के अनुसार गैस की बुकिंग सामान्य रूप से जारी है।