चैती छठ की खुशियां मातम में बदलीं, पटना में गंगा में डूबे 6 बच्चे, 2 की मौत… मां की चीखों से दहल उठा घाट

शिव शंकर सविता- बिहार की राजधानी पटना से एक ऐसी दर्दनाक खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। आस्था और श्रद्धा के पर्व चैती छठ के बीच गंगा घाट पर उस वक्त मातम पसर गया, जब नहाने उतरे 6 लड़के नदी की तेज धार में डूब गए। इस हादसे में दो मासूमों की जान चली गई, जबकि एक बच्चा अब भी लापता है। घटना पटना सिटी के दमराही घाट की है, जहां दूसरे अर्घ्य के समापन के बाद ये सभी बच्चे गंगा में स्नान करने उतरे थे। घाट पर हर तरफ पूजा की रौनक थी, लोग भगवान सूर्य को अर्घ्य दे रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी चीख-पुकार में बदल गई।

कुछ ही मिनटों में बदली तस्वीर

बताया जा रहा है कि जैसे ही बच्चे पानी में उतरे, गंगा की तेज धार में उनका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते सभी 6 लड़के डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने जब यह मंजर देखा तो बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। स्थानीय लोगों की बहादुरी से 3 बच्चों को किसी तरह बाहर निकाल लिया गया, लेकिन बाकी 3 को बचाया नहीं जा सका। काफी मशक्कत के बाद दो बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं, जबकि तीसरे की तलाश अभी भी जारी है।

मां का दर्द देख पिघल गया हर दिल

घाट पर सबसे दर्दनाक दृश्य तब देखने को मिला, जब एक मां ने अपने बेटे का शव देखा। वह चीख पड़ी… “मेरा बेटा… मेरा लाल…” और फिर दहाड़ मारकर रोने लगी। आसपास खड़े लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। जिस घाट पर कुछ देर पहले पूजा और भक्ति का माहौल था, वहीं अब सिर्फ सन्नाटा और मातम पसरा हुआ था। हर किसी की आंखें नम थीं और जुबां पर एक ही सवाल “आखिर ये हादसा क्यों हुआ?”

राहत-बचाव में जुटी टीमें

घटना के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आया। गोताखोरों के साथ SDRF की टीम को मौके पर बुलाया गया। लापता बच्चे की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है। अधिकारियों का कहना है कि गंगा में इस समय पानी का बहाव तेज है, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। लोगों से अपील की गई है कि नदी में उतरते समय सावधानी बरतें और बच्चों को अकेले पानी में न जाने दें। चैती छठ जैसे पवित्र पर्व पर हुआ यह हादसा पूरे शहर को झकझोर गया है। जिन घरों में पूजा की तैयारी थी, वहां अब मातम का माहौल है।

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