डिजिटल डेस्क- पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के डीएम गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या मामले ने राज्य की राजनीति में सनसनी पैदा कर दी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवहन मंत्री और पूर्व विधायक लालजीत सिंह भुल्लर से पहले इस्तीफा लिया और अब उनके खिलाफ FIR दर्ज करवा दी है। मामले में मंत्री भुल्लर के पिता और उनके निजी सचिव (पीए) को भी आरोपी बनाया गया है। FIR गगनदीप सिंह रंधावा की पत्नी उपिंदर कौर की शिकायत पर दर्ज की गई। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनके पति को पिछले साल अक्टूबर 2025 में जारी पंजाब राज्य गोदाम निगम के टेंडरों में लगातार दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ा। इन टेंडरों की मंजूरी चंडीगढ़ से मिलनी थी, जबकि फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (FCI) उन्हें अपने नियमों के अनुसार पास करता है।
टेंडर के लिए लगातार डाला जा रहा था दबाव
शिकायत के अनुसार, मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम गोदाम निर्माण टेंडर पास कराने के लिए गगनदीप सिंह रंधावा पर लगातार दबाव डाला। उपिंदर कौर ने बताया कि मंत्री भुल्लर ने धमकी दी कि अगर टेंडर उनके पिता के नाम नहीं हुआ, तो उनके पति और बच्चों को नुकसान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पास गगनदीप सिंह के बच्चों और पत्नी की गतिविधियों की जानकारी है। कौर ने बताया कि मंत्री भुल्लर और उनके सहयोगियों ने 13 मार्च को गगनदीप सिंह को उनके पैतृक घर पट्टी बुलाया। वहां उनके पिता और पीए सहित अन्य अज्ञात लोग मौजूद थे। गगनदीप सिंह को पीटा गया और पिस्तौल की नोक पर धमकियां दी गईं। आरोप है कि मंत्री ने उनके पीए को वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा और जबरन झूठा बयान लिखवाया कि टेंडर किसी और पक्ष को 10 लाख रुपए लेकर जारी किया गया।
धमकियों और अपमान के चलते की आत्महत्या
उपिंदर कौर ने बताया कि गगनदीप सिंह लगातार मानसिक और शारीरिक दबाव का शिकार हो रहे थे। उन्होंने रोते हुए पत्नी को कहा कि अब उनका जीवन असंभव हो गया है। परिवार ने पुलिस में शिकायत करने का प्रयास किया, लेकिन गगनदीप सिंह ने कहा कि मौजूदा मंत्री होने के कारण उनकी फरियाद सुनवाई के योग्य नहीं होगी। अंततः लगातार धमकियों और अपमान के चलते गगनदीप सिंह ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले उन्होंने वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपनी मजबूरी जाहिर की। इस मामले में FIR में मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर, उनके पिता सुखदेव सिंह भुल्लर और पीए दिलबाग सिंह उर्फ बागा को आरोपी बनाया गया है। मामला अब जांच एजेंसियों के पास है और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।