KNEWS DESK- हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है और भगवान शिव को समर्पित होता है। आज 17 मार्च को चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि मनाई जा रही है। इस दिन भक्त भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना कर उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मान्यता है कि विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।
मासिक शिवरात्रि 2026: पूजा का शुभ मुहूर्त
चैत्र मासिक शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा विशेष रूप से निशिता काल में की जाती है।
- चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 17 मार्च सुबह 9 बजकर 23 मिनट
- चतुर्दशी तिथि समाप्त: 18 मार्च सुबह 8 बजकर 25 मिनट
- निशिता काल पूजा मुहूर्त: रात 12 बजकर 5 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक
इस समय भगवान शिव की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि के दिन भक्त सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव की पूजा करें और शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें।
रात में निशिता काल से पहले फिर से स्नान कर पूजा की तैयारी करें। पूजा के दौरान शिवलिंग पर बेलपत्र, फल और धतूरा अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं और भगवान शिव की आराधना करें। इस दिन शिव चालीसा, शिव मंत्र और अन्य शिव स्तोत्रों का जाप करना भी बहुत शुभ माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व
मासिक शिवरात्रि का व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है।
कहा जाता है कि इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। विशेष रूप से दांपत्य जीवन में खुशियां आती हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।