KNEWS DESK – भारत में रसोई गैस संकट के हालात अब धीरे-धीरे सुधरने लगे हैं। हाल ही में ईरान-इजराइल जंग के कारण बंद हुई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से फंसे एलपीजी जहाजों को सुरक्षित भारत पहुंचाया गया है, जिससे देश में गैस की किल्लत जल्द खत्म होने की संभावना है।
एलपीजी जहाजों का भारत पहुंचना
भारतीय तेल कंपनियों के अनुसार, होर्मुज रास्ता बंद होने के कारण एलपीजी से भरे जहाज वहां फंसे हुए थे। इस स्थिति को सुलझाने के लिए भारत के विदेश मंत्रालय और ईरान के विदेश मंत्रालय के बीच बातचीत हुई। इसके बाद भारतीय जहाज शिवालिक और नंदा को सुरक्षित रूप से होर्मुज से गुजरने की इजाजत मिली।
शिवालिक जहाज अब गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर पहुंच चुका है। इस जहाज में 54 हजार टन गैस लदी हुई थी, जिससे देश के कई हिस्सों में जारी गैस संकट को राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, दूसरा जहाज नंदा आज शाम या कल सुबह तक भारत पहुंचने वाला है, जो स्थिति को और बेहतर करेगा।
देशभर में गैस संकट
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमलों के बाद गैस और तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। कई राज्यों में गैस की कमी के कारण दुकानों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं। लोग दो दिन तक सिलेंडर का इंतजार करने को मजबूर थे, वहीं कुछ जगहों पर होटल बंद होने की खबरें भी आईं। तनाव बढ़ने के कारण पुलिस को गैस वितरण केंद्रों पर तैनात करना पड़ा।
ईरान ने भारत को कहा अपना दोस्त
समुद्री रास्ता बंद होने और जहाज फंसे होने के दौरान ईरान ने भारत के साथ दोस्ताना रवैया बनाए रखा। ईरान के राजदूत Mohammad Fathali ने कहा कि भारत और ईरान के हित समान हैं और भारत हमेशा ईरान का दोस्त रहेगा। इस भरोसे और सहयोग के चलते जहाजों को सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई।
राहत की खबर
विशेषज्ञों का कहना है कि शिवालिक और नंदा जहाजों के भारत पहुंचने के बाद देशभर में एलपीजी की किल्लत में तेजी से कमी आएगी। इससे न केवल घरेलू रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य होगी, बल्कि होटल और अन्य व्यवसायों में भी गतिविधियां सुचारू रूप से चलने लगेंगी।